Wednesday, March 4, 2026

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कर सब्र तू…

गम के ये पहाड़ से दिन भी बीत जायेंगे
रख भरोसा उस रब पे तू हमेशा
ईद-दिवाली वाले दिन फिर लौटकर आयेंगे
भूलकर गम सारे हम फिर मुस्करायेंगे
एक न एक दिन तो खत्म होगी काली निशा
फिरेंगे पतझड़ वाले दिन तो महकती बसंत लायेंगे
बहते अश्क आंखों से रुक जायेंगे
गर्द गहरी उड़ रही है जो दिशा-दिशा
घुमड़ते बादल, देखना भोर सुहानी लायेंगे
गम के ये पहाड़ से दिन भी बीत जायेंगे
मत बिठा हृदय के बीच सागर सी निराशा
कर सब्र तू पल-पल तेरे झिलमिलायेंगे।
-मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
गॉव-रिहावली, डाक-तारौली गुर्जर,
फतेहाबाद, आगरा-283111
मो. 9627912535

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कर सब्र तू…

गम के ये पहाड़ से दिन भी बीत जायेंगे
रख भरोसा उस रब पे तू हमेशा
ईद-दिवाली वाले दिन फिर लौटकर आयेंगे
भूलकर गम सारे हम फिर मुस्करायेंगे
एक न एक दिन तो खत्म होगी काली निशा
फिरेंगे पतझड़ वाले दिन तो महकती बसंत लायेंगे
बहते अश्क आंखों से रुक जायेंगे
गर्द गहरी उड़ रही है जो दिशा-दिशा
घुमड़ते बादल, देखना भोर सुहानी लायेंगे
गम के ये पहाड़ से दिन भी बीत जायेंगे
मत बिठा हृदय के बीच सागर सी निराशा
कर सब्र तू पल-पल तेरे झिलमिलायेंगे।
-मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
गॉव-रिहावली, डाक-तारौली गुर्जर,
फतेहाबाद, आगरा-283111
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