Wednesday, March 4, 2026

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मिलकर आगे बढ़ते जाएं!

हौसलों के घोड़े पर चढ़कर,
ऐड लगाकर शिक्षा की।
एकता की रेस पकड़ कर,
दूरी तय कर लो इच्छा की।
चलना है बहुत दूर,
ये दूरी नहीं सरलता की।
कठिन नहीं कोई काम,
ना सोच बने निर्बलता की।
हिम्मत छूती रहे आसमां,
चाल बनी रहे दृढ़ता की।
मार्ग आयेंगे ऊबड़-खाबड़,
पगडंडियां आयेंगी कांटों की।
रास्तों में जो पेड़ छाया दे,
आदर करें उसकी महानता की।
एक एक पग आदरणीय है,
जिनसे नींव जमी सफलता की।
काम नहीं था एक पग का,
जो दूरी तय हो मंजिल की।
जब काम करें समाज में,
बने सोच एक एक जोड़ने की।
एक एक से अनेक बने,
फिर कहानी बने एकता की।
जो समाज एकजुट हो पाएं,
वे किस्सा लिखें बलवानी की।
सोच बदलें समाज का रहे,
हिम्मत ना पड़े अत्याचारों की।
मिलकर आगे बढ़ते जाएं,
पहचान बने समाज की।
सतबीर बघेल, जेवर
मो. 8800120437

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हौसलों के घोड़े पर चढ़कर,
ऐड लगाकर शिक्षा की।
एकता की रेस पकड़ कर,
दूरी तय कर लो इच्छा की।
चलना है बहुत दूर,
ये दूरी नहीं सरलता की।
कठिन नहीं कोई काम,
ना सोच बने निर्बलता की।
हिम्मत छूती रहे आसमां,
चाल बनी रहे दृढ़ता की।
मार्ग आयेंगे ऊबड़-खाबड़,
पगडंडियां आयेंगी कांटों की।
रास्तों में जो पेड़ छाया दे,
आदर करें उसकी महानता की।
एक एक पग आदरणीय है,
जिनसे नींव जमी सफलता की।
काम नहीं था एक पग का,
जो दूरी तय हो मंजिल की।
जब काम करें समाज में,
बने सोच एक एक जोड़ने की।
एक एक से अनेक बने,
फिर कहानी बने एकता की।
जो समाज एकजुट हो पाएं,
वे किस्सा लिखें बलवानी की।
सोच बदलें समाज का रहे,
हिम्मत ना पड़े अत्याचारों की।
मिलकर आगे बढ़ते जाएं,
पहचान बने समाज की।
सतबीर बघेल, जेवर
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