हिंदू धर्म की महान रक्षक, 12772 तीर्थस्थलों की निर्माता लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा काशी में निर्मित मणिकर्णिका घाट एवं उनकी प्रतिमा को तथाकथित हिंदूवादी डबल इंजन की सरकार और उनके प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। एक ओर सरकार स्वयं को हिंदू हितैषी बताने का ढोंग करती है, वहीं दूसरी ओर उनके कार्य हिंदू आस्था और विरासत पर सीधा प्रहार हैं। अब इस सरकार का असली चरित्र पूरी तरह उजागर हो चुका है। यह केवल हिंदू धर्म के नाम पर राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का कार्य कर रही है। डबल इंजन की इस सरकार के कार्यकाल में अब तक डेढ़ सौ से अधिक हिंदू मंदिरों को तोड़ा जा चुका है, फिर भी हिंदुओं और तथाकथित अंधभक्तों की भावनाएँ आहत नहीं हो रही हैं—यह अत्यंत चिंताजनक है। इतिहास में मुगल आक्रांताओं जैसे औरंगजेब, मुहम्मद गजनवी और अन्य विदेशी हमलावरों ने जितना नुकसान हिंदू विरासत को पहुँचाया, उससे भी अधिक क्षति आज स्वयं को हिंदूवादी कहने वाली सरकार पहुंचा रही है। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का अपमान केवल एक महान व्यक्तित्व का अपमान नहीं बल्कि पूरे देश और प्रदेश के पाल, बघेल, धनगर समाज के स्वाभिमान पर सीधा आघात है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-शेफर्ड धामू पाल
मो. 9808620127
लोकमाता की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य!
लोकमाता की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य!
हिंदू धर्म की महान रक्षक, 12772 तीर्थस्थलों की निर्माता लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा काशी में निर्मित मणिकर्णिका घाट एवं उनकी प्रतिमा को तथाकथित हिंदूवादी डबल इंजन की सरकार और उनके प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। एक ओर सरकार स्वयं को हिंदू हितैषी बताने का ढोंग करती है, वहीं दूसरी ओर उनके कार्य हिंदू आस्था और विरासत पर सीधा प्रहार हैं। अब इस सरकार का असली चरित्र पूरी तरह उजागर हो चुका है। यह केवल हिंदू धर्म के नाम पर राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का कार्य कर रही है। डबल इंजन की इस सरकार के कार्यकाल में अब तक डेढ़ सौ से अधिक हिंदू मंदिरों को तोड़ा जा चुका है, फिर भी हिंदुओं और तथाकथित अंधभक्तों की भावनाएँ आहत नहीं हो रही हैं—यह अत्यंत चिंताजनक है। इतिहास में मुगल आक्रांताओं जैसे औरंगजेब, मुहम्मद गजनवी और अन्य विदेशी हमलावरों ने जितना नुकसान हिंदू विरासत को पहुँचाया, उससे भी अधिक क्षति आज स्वयं को हिंदूवादी कहने वाली सरकार पहुंचा रही है। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का अपमान केवल एक महान व्यक्तित्व का अपमान नहीं बल्कि पूरे देश और प्रदेश के पाल, बघेल, धनगर समाज के स्वाभिमान पर सीधा आघात है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-शेफर्ड धामू पाल
मो. 9808620127
