नई दिल्ली/अलवर। साझा संसार फाउंडेशन, नीदरलैंड और विश्व रंग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘राठ रंग महोत्सव’ में नागरी लिपि के संरक्षण, संवर्धन और उन्नयन में उत्कृष्ट योगदान के लिए नागरी लिपि परिषद, नई दिल्ली के महामंत्री डॉ. हरिसिंह पाल को प्रख्यात भारतविद् मैक्समूलर की स्मृति में स्थापित अंतरराष्ट्रीय ‘मैक्समूलर लिपि अलंकरण’ प्रदान किया गया। जाट बहरौड़ स्थित भगवती पैलेस सभागार में विश्व रंग के निदेशक एवं रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल और सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा के कुलाधिपति संतोष चौबे, दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के पूर्व महानिदेशक लीलाधर मंडलोई और साझा संसार फाउंडेशन, नीदरलैंड्स के अध्यक्ष डॉ. रामा तक्षक ने डॉ. पाल को भव्य स्मृति चिन्ह, शॉल, पुष्पाहार, अंगवस्त्र और साहित्य भेंट कर अलंकृत किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक, जिला प्रमुख, जनप्रतिनिधि, शिक्षा जगत की विभूतियां और ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। यह उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रसारण सेवा आकाशवाणी से सेवानिवृति के उपरांत डॉ. हरिसिंह पाल ने नागरी लिपि परिषद के महामंत्री का पदभार संभाला और पूरे देश और विदेश में नागरी लिपि का परचम फहरा दिया। डॉ. हरिसिंह पाल ने नेपाल, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम, पुदुचेरी, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में नागरी लिपि के सम्मेलनों और प्रशिक्षण संगोष्ठियों का सफलतापूर्वक आयोजन किया। आभासी माध्यम से आस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, कनाडा और मारीशस में नागरी लिपि संगोष्ठियों का आयोजन किया है, जिनमें सभी देशों के नागरी लिपि विद्वानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. हरिसिंह पाल के सत्प्रयासों से आज की नई पीढ़ी भी नागरी लिपि परिषद से जुड़ने के लिए लालायित हैं। देश-विदेश से प्रतिमाह अनेक नए सदस्य नागरी लिपि परिषद से जुड़ रहे हैं। यह उल्लेखनीय है कि विगत दिनों डॉ. रामा तक्षक की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में नीदरलैंड्स से विश्वास दुबे, मनीष पांडेय, आशीष कपूर, स्विट्जरलैंड से हर्षिता वाजपेई, अमेरिका से विनीता तिवारी और भारत से राजेन्द्र शर्मा ने मैक्समूलर नागरी अंतरराष्ट्रीय सम्मान डॉ. हरिसिंह पाल को दिए जाने की सहमति प्रदान की थी। डॉ. हरिसिंह पाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अब तक, 6 विश्वविद्यालयों से शोध कार्य हो चुके हैं। उन्हें 200 से अधिक अलंकरणों और पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. हरिसिंह पाल नागरी लिपि परिषद की शोध पत्रिका नागरी संगम के साथ-साथ अखिल विश्व हिंदी समिति, न्यूयॉर्क, अमेरिका द्वारा प्रकाशित वैश्विक हिंदी पत्रिका सौरभ के संपादन का दायित्व भी सफलतापूर्वक संभाल रहे हैं। डॉ. हरिसिंह पाल को हरिकमल दर्पण परिवार की ओर से बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं। -सम्पादक
डॉ. हरिसिंह पाल को मिला प्रथम अंतरराष्ट्रीय मैक्समूलर लिपि अलंकरण
नई दिल्ली/अलवर। साझा संसार फाउंडेशन, नीदरलैंड और विश्व रंग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘राठ रंग महोत्सव’ में नागरी लिपि के संरक्षण, संवर्धन और उन्नयन में उत्कृष्ट योगदान के लिए नागरी लिपि परिषद, नई दिल्ली के महामंत्री डॉ. हरिसिंह पाल को प्रख्यात भारतविद् मैक्समूलर की स्मृति में स्थापित अंतरराष्ट्रीय ‘मैक्समूलर लिपि अलंकरण’ प्रदान किया गया। जाट बहरौड़ स्थित भगवती पैलेस सभागार में विश्व रंग के निदेशक एवं रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल और सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा के कुलाधिपति संतोष चौबे, दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के पूर्व महानिदेशक लीलाधर मंडलोई और साझा संसार फाउंडेशन, नीदरलैंड्स के अध्यक्ष डॉ. रामा तक्षक ने डॉ. पाल को भव्य स्मृति चिन्ह, शॉल, पुष्पाहार, अंगवस्त्र और साहित्य भेंट कर अलंकृत किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक, जिला प्रमुख, जनप्रतिनिधि, शिक्षा जगत की विभूतियां और ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। यह उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रसारण सेवा आकाशवाणी से सेवानिवृति के उपरांत डॉ. हरिसिंह पाल ने नागरी लिपि परिषद के महामंत्री का पदभार संभाला और पूरे देश और विदेश में नागरी लिपि का परचम फहरा दिया। डॉ. हरिसिंह पाल ने नेपाल, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम, पुदुचेरी, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में नागरी लिपि के सम्मेलनों और प्रशिक्षण संगोष्ठियों का सफलतापूर्वक आयोजन किया। आभासी माध्यम से आस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, कनाडा और मारीशस में नागरी लिपि संगोष्ठियों का आयोजन किया है, जिनमें सभी देशों के नागरी लिपि विद्वानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. हरिसिंह पाल के सत्प्रयासों से आज की नई पीढ़ी भी नागरी लिपि परिषद से जुड़ने के लिए लालायित हैं। देश-विदेश से प्रतिमाह अनेक नए सदस्य नागरी लिपि परिषद से जुड़ रहे हैं। यह उल्लेखनीय है कि विगत दिनों डॉ. रामा तक्षक की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में नीदरलैंड्स से विश्वास दुबे, मनीष पांडेय, आशीष कपूर, स्विट्जरलैंड से हर्षिता वाजपेई, अमेरिका से विनीता तिवारी और भारत से राजेन्द्र शर्मा ने मैक्समूलर नागरी अंतरराष्ट्रीय सम्मान डॉ. हरिसिंह पाल को दिए जाने की सहमति प्रदान की थी। डॉ. हरिसिंह पाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अब तक, 6 विश्वविद्यालयों से शोध कार्य हो चुके हैं। उन्हें 200 से अधिक अलंकरणों और पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. हरिसिंह पाल नागरी लिपि परिषद की शोध पत्रिका नागरी संगम के साथ-साथ अखिल विश्व हिंदी समिति, न्यूयॉर्क, अमेरिका द्वारा प्रकाशित वैश्विक हिंदी पत्रिका सौरभ के संपादन का दायित्व भी सफलतापूर्वक संभाल रहे हैं। डॉ. हरिसिंह पाल को हरिकमल दर्पण परिवार की ओर से बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं। -सम्पादक
