मथुरा। धनगर समाज के अधिकारों की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक सफलता मिली है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ है कि शासन द्वारा जारी धनगर समाज के जाति प्रमाण पत्र की अंग्रेजी प्रति उपलब्ध कराना भी शासन की जिम्मेदारी है। यह फैसला धनगर समाज के व्यक्तियों और युवाओं व प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार तिवारी की सशक्त पैरवी और राष्ट्रीय धनगर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी धनगर के अथक प्रयासों का बड़ा योगदान है। उन्होंने न केवल कानूनी लड़ाई को मजबूती दी, बल्कि समाज की पीड़ा और अधिकारों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। यह निर्णय केवल एक आदेश नहीं बल्कि अधिकार और भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है। -ब्यूरो
धनगर समाज की ऐतिहासिक जीत : हाईकोर्ट का बड़ा आदेश!
मथुरा। धनगर समाज के अधिकारों की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक सफलता मिली है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ है कि शासन द्वारा जारी धनगर समाज के जाति प्रमाण पत्र की अंग्रेजी प्रति उपलब्ध कराना भी शासन की जिम्मेदारी है। यह फैसला धनगर समाज के व्यक्तियों और युवाओं व प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार तिवारी की सशक्त पैरवी और राष्ट्रीय धनगर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी धनगर के अथक प्रयासों का बड़ा योगदान है। उन्होंने न केवल कानूनी लड़ाई को मजबूती दी, बल्कि समाज की पीड़ा और अधिकारों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। यह निर्णय केवल एक आदेश नहीं बल्कि अधिकार और भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है। -ब्यूरो
