वाराणसी। मणिकर्णिका घाट पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति तोड़े जाने से नाराज गडरिया समाज के लोगों का देशभर में विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। हालांकि इस बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कांफे्रन्स करके सफाई दी थी कि वहां कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया है और विपक्षी पार्टियां एआई द्वारा बनाई गई तस्वीरों द्वारा भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन मुख्यमंत्री की इस सफाई से बात नहीं बनी क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि वहां की गई तोड़फोड़ में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा सहित अन्य मूर्तियां भी खंडित हुई थीं। हालांकि प्रशासन ने वहां का मलबा हटा दिया है और लोगों के आने-जाने पर भी कड़ी निगरानी की जा रही है जिससे साफ लगता है कि कुछ न कुछ तो गलत हुआ है। घटनास्थल पर वस्तुस्थिति जानने के लिए पहुंचे शेफर्ड टाईगर फोर्स के राष्टÑीय अध्यक्ष धामू पाल, होलकर सेना के एडवोकेट विवेक पाल टाईगर, सुग्गन पाल, संतोष पाल, दीनानाथ पाल, रामजतन पाल, आकाश पाल और मंगल पाल सहित 18 लोगों पर पुलिस ने न केवल लाठियां चलाईं बल्कि उनकी गिरफ्तारी कर उन पर मुकदमें भी दर्ज कर दिए। इससे देशभर में गडरिया समाज में और ज्यादा रोष फैल गया। हालांकि बाद में सभी लोगों को रिहा कर दिया गया था, फिर भी इस कार्रवाई से लोगों में गुस्सा कम नहीं हुआ। इस मामले को लेकर 24 जनवरी को पाल-बघेल (धनगर) समाज समिति ग्रेटर नोएडा ने सूरजपुर स्थित कलक्टेÑट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में समिति के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह पाल, पूर्व राज्यमंत्री अजीत पाल, अखिल विश्व पाल क्षत्रिय महासभा की युवा इकाई के राष्टÑीय अध्यक्ष अनिल पाल, गजेन्द्र पाल, रमेश पाल, डॉ. एफ.सी. पाल, ओमकार बघेल, मनोज, ओमदत्त, जयभगवान, संदीप, अमित, सुशील, नरेन्द्र, शशिकांत, रिंकू बघेल, कृष्ण, राकेश आदि शामिल रहे। इससे पूर्व 23 जनवरी को गाजियाबाद में भी जोरदार प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। मेरठ में अखिल भारतीय पाल महासभा के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश पाल व युवा जिलाध्यक्ष दीपक पाल के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। मथुरा में धनगर समाज ने उपवास रखकर विरोध जताया। अखिल विश्व पाल क्षत्रिय महासभा के राष्टÑीय अध्यक्ष विजय सिंह पाल के नेतृत्व में महासभा के पदाधिकारियों ने वाराणसी के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। विजय सिंह पाल ने इस मामले में 23 जनवरी को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (प्रधान पीठ) नई दिल्ली के समक्ष इस मामले में अवमानना/आदेश-उल्लंघन की शिकायत करते हुए कहा है कि मणिकर्णिका घाट को तोड़ा जाना ट्रिब्यूनल के आदेशों की प्रत्यक्ष अवहेलना है। शिकायत में इस संबंध में कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। कुल मिलाकर देशभर का गडरिया समाज इस मामले में नाराज दिख रहा है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से खासगी देवी अहिल्याबाई होलकर चैरिटिज ट्रस्ट के अध्यक्ष यशवंतराव होलकर तृतीय सहित अहिल्याबाई होलकर के तमाम वंशज इस मामले में लगभग चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि यशवंतराव होलकर तृतीय ने इस संबंध में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी अवश्य जताई थी लेकिन उसके बाद से उनकी कोई प्रतिक्रिया न आना समझ से परे है। -ब्यूरो
वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी
वाराणसी। मणिकर्णिका घाट पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति तोड़े जाने से नाराज गडरिया समाज के लोगों का देशभर में विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। हालांकि इस बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कांफे्रन्स करके सफाई दी थी कि वहां कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया है और विपक्षी पार्टियां एआई द्वारा बनाई गई तस्वीरों द्वारा भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन मुख्यमंत्री की इस सफाई से बात नहीं बनी क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि वहां की गई तोड़फोड़ में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा सहित अन्य मूर्तियां भी खंडित हुई थीं। हालांकि प्रशासन ने वहां का मलबा हटा दिया है और लोगों के आने-जाने पर भी कड़ी निगरानी की जा रही है जिससे साफ लगता है कि कुछ न कुछ तो गलत हुआ है। घटनास्थल पर वस्तुस्थिति जानने के लिए पहुंचे शेफर्ड टाईगर फोर्स के राष्टÑीय अध्यक्ष धामू पाल, होलकर सेना के एडवोकेट विवेक पाल टाईगर, सुग्गन पाल, संतोष पाल, दीनानाथ पाल, रामजतन पाल, आकाश पाल और मंगल पाल सहित 18 लोगों पर पुलिस ने न केवल लाठियां चलाईं बल्कि उनकी गिरफ्तारी कर उन पर मुकदमें भी दर्ज कर दिए। इससे देशभर में गडरिया समाज में और ज्यादा रोष फैल गया। हालांकि बाद में सभी लोगों को रिहा कर दिया गया था, फिर भी इस कार्रवाई से लोगों में गुस्सा कम नहीं हुआ। इस मामले को लेकर 24 जनवरी को पाल-बघेल (धनगर) समाज समिति ग्रेटर नोएडा ने सूरजपुर स्थित कलक्टेÑट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में समिति के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह पाल, पूर्व राज्यमंत्री अजीत पाल, अखिल विश्व पाल क्षत्रिय महासभा की युवा इकाई के राष्टÑीय अध्यक्ष अनिल पाल, गजेन्द्र पाल, रमेश पाल, डॉ. एफ.सी. पाल, ओमकार बघेल, मनोज, ओमदत्त, जयभगवान, संदीप, अमित, सुशील, नरेन्द्र, शशिकांत, रिंकू बघेल, कृष्ण, राकेश आदि शामिल रहे। इससे पूर्व 23 जनवरी को गाजियाबाद में भी जोरदार प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। मेरठ में अखिल भारतीय पाल महासभा के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश पाल व युवा जिलाध्यक्ष दीपक पाल के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। मथुरा में धनगर समाज ने उपवास रखकर विरोध जताया। अखिल विश्व पाल क्षत्रिय महासभा के राष्टÑीय अध्यक्ष विजय सिंह पाल के नेतृत्व में महासभा के पदाधिकारियों ने वाराणसी के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। विजय सिंह पाल ने इस मामले में 23 जनवरी को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (प्रधान पीठ) नई दिल्ली के समक्ष इस मामले में अवमानना/आदेश-उल्लंघन की शिकायत करते हुए कहा है कि मणिकर्णिका घाट को तोड़ा जाना ट्रिब्यूनल के आदेशों की प्रत्यक्ष अवहेलना है। शिकायत में इस संबंध में कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। कुल मिलाकर देशभर का गडरिया समाज इस मामले में नाराज दिख रहा है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से खासगी देवी अहिल्याबाई होलकर चैरिटिज ट्रस्ट के अध्यक्ष यशवंतराव होलकर तृतीय सहित अहिल्याबाई होलकर के तमाम वंशज इस मामले में लगभग चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि यशवंतराव होलकर तृतीय ने इस संबंध में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी अवश्य जताई थी लेकिन उसके बाद से उनकी कोई प्रतिक्रिया न आना समझ से परे है। -ब्यूरो
