हरिकमल दर्पण की पुनर्स्थापना के 6 वर्ष पूरे होने वाले हैं और नववर्ष 2026 में हम सातवें वर्ष में प्रवेश करने वाले हैं। बीते 6 वर्षों में हमने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने के साथ ही हमने अपने समाज को सम्मान दिलाने की दिशा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। आज पाल समाज किसी पहचान का मोहताज नहीं है। राजनीति में भी तमाम बड़े-बड़े पदों पर हमारे समाज के राजनेता काबिज हो चुके हैं लेकिन गडरिया समाज की एकजुटता का ख्वाब आज भी अधूरा है। जब तक हमारा समाज एकजुट नहीं होगा तब तक हम चहुंमुखी प्रगति नहीं कर सकते। देश में गडरिया समाज के अनगिनत संगठन बने हुए हैं, जब तक ये सभी संगठन एक मंच पर एक झंडे के तले नहीं आएंगे तब तक सही मायनों में हम एकजुट नहीं हो पाएंगे। हरिकमल दर्पण का प्रयास है कि हमारा समाज सही अर्थों में एकजुट हो और पूरे देश में हमारा कोई एक सर्वमान्य नेता हो। लेकिन आज समाज की जो स्थिति है उसमें सही एकजुटता होने के आसार बहुत कम हैं। इसके लिए समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को ठोस योजना बनाकर कार्य करना होगा। जरूरत इस बात की है कि सभी संगठनों के अध्यक्ष एक मंच पर आएं और समाज का कोई एक सर्वमान्य नेता चुनें।
इस हफ्ते इन्हीं शब्दों के साथ जय पाल समाज!
-निरंजन सिंह पाल
उपलब्धियां और आकांक्षाएं!
उपलब्धियां और आकांक्षाएं!
हरिकमल दर्पण की पुनर्स्थापना के 6 वर्ष पूरे होने वाले हैं और नववर्ष 2026 में हम सातवें वर्ष में प्रवेश करने वाले हैं। बीते 6 वर्षों में हमने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने के साथ ही हमने अपने समाज को सम्मान दिलाने की दिशा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। आज पाल समाज किसी पहचान का मोहताज नहीं है। राजनीति में भी तमाम बड़े-बड़े पदों पर हमारे समाज के राजनेता काबिज हो चुके हैं लेकिन गडरिया समाज की एकजुटता का ख्वाब आज भी अधूरा है। जब तक हमारा समाज एकजुट नहीं होगा तब तक हम चहुंमुखी प्रगति नहीं कर सकते। देश में गडरिया समाज के अनगिनत संगठन बने हुए हैं, जब तक ये सभी संगठन एक मंच पर एक झंडे के तले नहीं आएंगे तब तक सही मायनों में हम एकजुट नहीं हो पाएंगे। हरिकमल दर्पण का प्रयास है कि हमारा समाज सही अर्थों में एकजुट हो और पूरे देश में हमारा कोई एक सर्वमान्य नेता हो। लेकिन आज समाज की जो स्थिति है उसमें सही एकजुटता होने के आसार बहुत कम हैं। इसके लिए समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को ठोस योजना बनाकर कार्य करना होगा। जरूरत इस बात की है कि सभी संगठनों के अध्यक्ष एक मंच पर आएं और समाज का कोई एक सर्वमान्य नेता चुनें।
इस हफ्ते इन्हीं शब्दों के साथ जय पाल समाज!
-निरंजन सिंह पाल
