Monday, March 2, 2026

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होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

रंगों-उमंगों के त्योहार होली के अवसर पर हरिकमल दर्पण के सभी पाठकों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों को हार्दिक शुभकामनाएँ। मैं कामना करता हूँ कि इस होली के अवसर पर हम एक-दूसरे के प्रति अपनी कटूता को भुलाकर पूरे समाज को एकसूत्र में पिरोने का संकल्प लेंगें ताकि हमारा समाज भी चहुंमुखी विकास के पथ पर अग्रसर हो सके। हमें एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जिससे किसी के मन को ठेस पहुंचे। हमारा समाज बुरी तरह से बंटा हुआ है जिसके विभिन्न कारण हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण हमारी आपसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है। हमारे समाज के नेता लगभग सभी राजनीतिक दलों में सक्रिय हैं और वे समाज को अपनी-अपनी पार्टियों की ओर खींचने का प्रयास करते रहते हैं जिससे समाज में आपसी फूट बढ़ती है। समाज के आम लोगों को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा। जो लोग विभिन्न राजनीतिक दलों में सक्रिय हैं, हमें उनका भी सहयोग करना है लेकिन हमारे समाज के जो राजनीतिक दल हैं, सबसे ज्यादा ध्यान उन्हीं को मजबूत करने पर देना होगा। यदि हमारे समाज का अपना कोई भी राजनीतिक दल मजबूत होगा तो निश्चित तौर पर जो लोग दूसरे राजीतिक दलों में कार्य कर रहे हैं उन्हें भी इसका लाभ होगा। उदाहरण के तौर पर हम देश के कई राजनीतिक दलों से प्रेरणा ले सकते हैं।
इस हफ्ते इन्हीं शब्दों के साथ जय पाल समाज!
-निरंजन सिंह पाल

International

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होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

रंगों-उमंगों के त्योहार होली के अवसर पर हरिकमल दर्पण के सभी पाठकों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों को हार्दिक शुभकामनाएँ। मैं कामना करता हूँ कि इस होली के अवसर पर हम एक-दूसरे के प्रति अपनी कटूता को भुलाकर पूरे समाज को एकसूत्र में पिरोने का संकल्प लेंगें ताकि हमारा समाज भी चहुंमुखी विकास के पथ पर अग्रसर हो सके। हमें एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जिससे किसी के मन को ठेस पहुंचे। हमारा समाज बुरी तरह से बंटा हुआ है जिसके विभिन्न कारण हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण हमारी आपसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है। हमारे समाज के नेता लगभग सभी राजनीतिक दलों में सक्रिय हैं और वे समाज को अपनी-अपनी पार्टियों की ओर खींचने का प्रयास करते रहते हैं जिससे समाज में आपसी फूट बढ़ती है। समाज के आम लोगों को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा। जो लोग विभिन्न राजनीतिक दलों में सक्रिय हैं, हमें उनका भी सहयोग करना है लेकिन हमारे समाज के जो राजनीतिक दल हैं, सबसे ज्यादा ध्यान उन्हीं को मजबूत करने पर देना होगा। यदि हमारे समाज का अपना कोई भी राजनीतिक दल मजबूत होगा तो निश्चित तौर पर जो लोग दूसरे राजीतिक दलों में कार्य कर रहे हैं उन्हें भी इसका लाभ होगा। उदाहरण के तौर पर हम देश के कई राजनीतिक दलों से प्रेरणा ले सकते हैं।
इस हफ्ते इन्हीं शब्दों के साथ जय पाल समाज!
-निरंजन सिंह पाल

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