टूंडला। धनगर महासभा की एक जागरूकता बैठक 7 दिसंबर को गांव बासदानी में हुई। धनगर महासभा उत्तर प्रदेश द्वारा धनगर हक-अधिकार प्राप्त करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। धनगर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व मानव अधिकार सर्वेक्षण के जिला अध्यक्ष भंवर सिंह धनगर एडवोकेट ने कहा कि बड़ी आबादी में बसा समाज आज अपने अधिकार से पूर्णतया वंचित है। धनगर अनुसूचित जाति के जाति प्रमाण पत्र जारी कराए जाने के लिए कई बार वर्तमान सरकार और पूर्ववर्ती सरकार द्वारा शासनादेश हुए हैं लेकिन सरकार के आदेश का पालन जिलाधिकारी व तहसीलदार नहीं कर रहे हैं। 7 जुलाई 2025 को धनगर अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अंग्रेजी में आदेश हुआ है कि धनगर जाति के प्रमाण पत्र जारी किए जाएं लेकिन जिलाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी उन आदेशों की अवहेलना करके प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे हैं जिससे समाज के अधिकारों का हनन हो रहा है। धनगर समाज अब जागरुक होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करे और अपने अधिकार मांगे। हक के लिए युवाओं और महिलाओं को भी आगे आना होगा तभी समाज को हक मिल सकेगा। गोष्ठी में धनगर समाज के लोगों ने कहा कि यदि समाज का विकास करना है तो समाज को शिक्षा पर जोर देना होगा। भारतीय संविधान से हमें समान अधिकार मिले हैं। महिलाओं के लिए वोट देने, शोषण रोकने तथा शिक्षा के अधिकार भी मिले हैं। मृत्युभोज, दहेज, नशा, गुटका, महंगी शादी, बाल विवाह, बालश्रम आदि जहरीली कुरीतियां को रोकने के लिए एक मंच पर आना होगा, तभी समाज का विकास और उत्थान हो सकेगा। गोष्ठी में मोहन सिंह धनगर, अशोक धनगर, सियाराम धनगर, सुनीता देवी धनगर जिला अध्यक्ष, ममता धनगर, गीता देवी धनगर, शशि धनगर लक्ष्मी नगर, ओमवती धनगर, चंद्रा देवी धनगर, कमला देवी धनगर, फूलमाला धनगर, रामप्यारी धनगर, रामबेटी धनगर, सीमा, सुनीता धनगर, आशा देवी धनगर, शैलेश देवी धनगर, श्यामा देवी धनगर, पूरन सिंह, मोहन सिंह नेताजी, मानती देवी, मार्गश्री धनगर आदि लोगों ने भाग लिया। -भंवर सिंह धनगर एडवोकेट
टूंडला में धनगर महासभा की जागरूकता बैठक सम्पन्न
टूंडला। धनगर महासभा की एक जागरूकता बैठक 7 दिसंबर को गांव बासदानी में हुई। धनगर महासभा उत्तर प्रदेश द्वारा धनगर हक-अधिकार प्राप्त करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। धनगर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व मानव अधिकार सर्वेक्षण के जिला अध्यक्ष भंवर सिंह धनगर एडवोकेट ने कहा कि बड़ी आबादी में बसा समाज आज अपने अधिकार से पूर्णतया वंचित है। धनगर अनुसूचित जाति के जाति प्रमाण पत्र जारी कराए जाने के लिए कई बार वर्तमान सरकार और पूर्ववर्ती सरकार द्वारा शासनादेश हुए हैं लेकिन सरकार के आदेश का पालन जिलाधिकारी व तहसीलदार नहीं कर रहे हैं। 7 जुलाई 2025 को धनगर अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अंग्रेजी में आदेश हुआ है कि धनगर जाति के प्रमाण पत्र जारी किए जाएं लेकिन जिलाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी उन आदेशों की अवहेलना करके प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे हैं जिससे समाज के अधिकारों का हनन हो रहा है। धनगर समाज अब जागरुक होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करे और अपने अधिकार मांगे। हक के लिए युवाओं और महिलाओं को भी आगे आना होगा तभी समाज को हक मिल सकेगा। गोष्ठी में धनगर समाज के लोगों ने कहा कि यदि समाज का विकास करना है तो समाज को शिक्षा पर जोर देना होगा। भारतीय संविधान से हमें समान अधिकार मिले हैं। महिलाओं के लिए वोट देने, शोषण रोकने तथा शिक्षा के अधिकार भी मिले हैं। मृत्युभोज, दहेज, नशा, गुटका, महंगी शादी, बाल विवाह, बालश्रम आदि जहरीली कुरीतियां को रोकने के लिए एक मंच पर आना होगा, तभी समाज का विकास और उत्थान हो सकेगा। गोष्ठी में मोहन सिंह धनगर, अशोक धनगर, सियाराम धनगर, सुनीता देवी धनगर जिला अध्यक्ष, ममता धनगर, गीता देवी धनगर, शशि धनगर लक्ष्मी नगर, ओमवती धनगर, चंद्रा देवी धनगर, कमला देवी धनगर, फूलमाला धनगर, रामप्यारी धनगर, रामबेटी धनगर, सीमा, सुनीता धनगर, आशा देवी धनगर, शैलेश देवी धनगर, श्यामा देवी धनगर, पूरन सिंह, मोहन सिंह नेताजी, मानती देवी, मार्गश्री धनगर आदि लोगों ने भाग लिया। -भंवर सिंह धनगर एडवोकेट
