मुंबई। लेखक महेंद्र पाल द्वारा लिखित तथा नीलम पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘वो पल जो सिखा गए’ का विमोचन मुंबई में दो चरणों में अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह पुस्तक जीवन के अनुभवों, संघर्षों और उनसे मिली सीख को संवेदनशील व प्रेरणादायी शैली में प्रस्तुत करती है। पुस्तक के विमोचन की शुरुआत प्रातःकाल में पुस्तक के कवर पेज के शुभ लोकार्पण से हुई। इस कवर पेज का रामजन्मभूमि अयोध्या से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं संत चंद्रांशु महाराज के करकमलों से अनावरण किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर योजना के कार्यकारी अध्यक्ष रामकुमार पाल, अंतरराष्ट्रीय गायक दीपक तिवारी तथा वरिष्ठ पत्रकार संतोष मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके पश्चात सांयकाल में पुस्तक का औपचारिक विमोचन समारोह मुंबई के मलाड स्थित साक्षात एंटरटेनमेंट कार्यालय में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुस्तक का लोकार्पण रामकुमार पाल के करकमलों से संपन्न हुआ। समारोह में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और साहित्य जगत से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. दिलीप पाल (संस्थापक, लिटिल चैंप स्कूल), ललित पाल (संस्थापक एवं निदेशक, मदर स्माइल स्कूल एंड कॉलेज), संदीप पाल (प्रोप्राइटर परफेक्ट कूल एसी), अमित पाल (संस्थापक मेडटेस्ट लैब) तथा नीलम पब्लिकेशन के प्रतिनिधि दिनेश वर्मा प्रमुख रूप से शामिल थे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में पुस्तक की विषयवस्तु की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘वो पल जो सिखा गए’ पाठकों को जीवन के हर मोड़ से कुछ न कुछ सीखने की प्रेरणा देती है। लेखक महेंद्र पाल ने सभी अतिथियों, प्रकाशक एवं पाठकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुस्तक उन पलों का दस्तावेज़ है, जो व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। दो चरणों में संपन्न यह विमोचन समारोह साहित्य प्रेमियों के लिए स्मरणीय बन गया और पुस्तक को लेकर पाठकों में विशेष उत्साह देखा गया। -ब्यूरो
मुंबई में लेखक महेंद्र पाल की पुस्तक ‘वो पल जो सिखा गए’ का दो चरणों में भव्य विमोचन
मुंबई। लेखक महेंद्र पाल द्वारा लिखित तथा नीलम पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘वो पल जो सिखा गए’ का विमोचन मुंबई में दो चरणों में अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह पुस्तक जीवन के अनुभवों, संघर्षों और उनसे मिली सीख को संवेदनशील व प्रेरणादायी शैली में प्रस्तुत करती है। पुस्तक के विमोचन की शुरुआत प्रातःकाल में पुस्तक के कवर पेज के शुभ लोकार्पण से हुई। इस कवर पेज का रामजन्मभूमि अयोध्या से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं संत चंद्रांशु महाराज के करकमलों से अनावरण किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर योजना के कार्यकारी अध्यक्ष रामकुमार पाल, अंतरराष्ट्रीय गायक दीपक तिवारी तथा वरिष्ठ पत्रकार संतोष मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके पश्चात सांयकाल में पुस्तक का औपचारिक विमोचन समारोह मुंबई के मलाड स्थित साक्षात एंटरटेनमेंट कार्यालय में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुस्तक का लोकार्पण रामकुमार पाल के करकमलों से संपन्न हुआ। समारोह में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और साहित्य जगत से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. दिलीप पाल (संस्थापक, लिटिल चैंप स्कूल), ललित पाल (संस्थापक एवं निदेशक, मदर स्माइल स्कूल एंड कॉलेज), संदीप पाल (प्रोप्राइटर परफेक्ट कूल एसी), अमित पाल (संस्थापक मेडटेस्ट लैब) तथा नीलम पब्लिकेशन के प्रतिनिधि दिनेश वर्मा प्रमुख रूप से शामिल थे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में पुस्तक की विषयवस्तु की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘वो पल जो सिखा गए’ पाठकों को जीवन के हर मोड़ से कुछ न कुछ सीखने की प्रेरणा देती है। लेखक महेंद्र पाल ने सभी अतिथियों, प्रकाशक एवं पाठकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुस्तक उन पलों का दस्तावेज़ है, जो व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। दो चरणों में संपन्न यह विमोचन समारोह साहित्य प्रेमियों के लिए स्मरणीय बन गया और पुस्तक को लेकर पाठकों में विशेष उत्साह देखा गया। -ब्यूरो
