Monday, March 2, 2026

National

spot_img

ढूंढ रहा हूँ…

ढूंढ रहा हूं
खुद को खुद में
कतरा-कतरा जी रहा हूं
खुद को खुद में।
उम्मीदों के सहारे
आगे बढ़ा रहा हूं
खुद को खुद में
भीतर-बाहर ढूंढ रहा हूं
खुद को खुद में।
तिनका-तिनका हुई जिंदगी
दर्पण सा देख रहा हूं
खुद को खुद में
कुछ कहने की
कुछ सुनने की चाहत बाकी है
खुद को खुद में।
अंत नहीं में
आशा भरा जीवन हूं
खुद को खुद में।
-मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
गॉव-रिहावली, डाक-तारौली गुर्जर,
फतेहाबाद, आगरा-283111
मो. 9627912535

International

spot_img

ढूंढ रहा हूँ…

ढूंढ रहा हूं
खुद को खुद में
कतरा-कतरा जी रहा हूं
खुद को खुद में।
उम्मीदों के सहारे
आगे बढ़ा रहा हूं
खुद को खुद में
भीतर-बाहर ढूंढ रहा हूं
खुद को खुद में।
तिनका-तिनका हुई जिंदगी
दर्पण सा देख रहा हूं
खुद को खुद में
कुछ कहने की
कुछ सुनने की चाहत बाकी है
खुद को खुद में।
अंत नहीं में
आशा भरा जीवन हूं
खुद को खुद में।
-मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
गॉव-रिहावली, डाक-तारौली गुर्जर,
फतेहाबाद, आगरा-283111
मो. 9627912535

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES