Monday, March 2, 2026

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होली के रंग…

रंग बिरंगी कैसी होली?
मन ललचाये ऐसी होली।।
रंग गाते गाथा जीवन की।
नर सहते बाधा इससे ही।।
रंग रंगता मानव ही आया,
करता जिसको जो सब भागा।।
जीवन ऐसा यहाँ पहेली
रंग बिरंगी कैसी होली?
मन ललचाये ऐसी होली।।
व्यवहार बदलते रंग से ही,
हर कोई समझे यही सही।
रंग दिखता अब भी गली-गली,
सब ओर जगत में छली-छली।।
क्या भाये अब ऐसी होली?
रंग बिरंगी कैसी होली?
मन ललचाये ऐसी होली।।
होली के रंग इतने-इतने।
रंगते आये कितने-कितने?
रंग रंगने की फिर भी आशा,
जीवन निराश पर है जिज्ञासा।।
आओ फिर से खेलें होली
बोलो आज प्रेम की बोली।
भरो खुशी से सबकी झोली
मन ललचाये ऐसी होली।।
-जगदीश प्रसाद पाल, उन्नाव
मो. 9794866822

International

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होली के रंग…

रंग बिरंगी कैसी होली?
मन ललचाये ऐसी होली।।
रंग गाते गाथा जीवन की।
नर सहते बाधा इससे ही।।
रंग रंगता मानव ही आया,
करता जिसको जो सब भागा।।
जीवन ऐसा यहाँ पहेली
रंग बिरंगी कैसी होली?
मन ललचाये ऐसी होली।।
व्यवहार बदलते रंग से ही,
हर कोई समझे यही सही।
रंग दिखता अब भी गली-गली,
सब ओर जगत में छली-छली।।
क्या भाये अब ऐसी होली?
रंग बिरंगी कैसी होली?
मन ललचाये ऐसी होली।।
होली के रंग इतने-इतने।
रंगते आये कितने-कितने?
रंग रंगने की फिर भी आशा,
जीवन निराश पर है जिज्ञासा।।
आओ फिर से खेलें होली
बोलो आज प्रेम की बोली।
भरो खुशी से सबकी झोली
मन ललचाये ऐसी होली।।
-जगदीश प्रसाद पाल, उन्नाव
मो. 9794866822

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