खाप पंचायत है अमर्यादित!
चक्रव्यूह में अभिमन्यु सा, घिरा सामाजिक जत्था!खाप पंचायतों में, ऐंठा जाए मोटा पैसा!!खाप पंचायत है, अमर्यादित लोक अदालतडिग्री रहित वकील
भ्रष्टाचार के फूल…
भ्रष्टाचार के फूल हैंलोकतंत्र के शूल हैंकुछ नेता मेरे देश के।खा रहे हैं गालीजा रहे हैं जेलफिर भी देश कोलूटने