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May
मां अहिल्याबाई…
सत्तरह सौ पच्चीस में जन्मी मराठा में राजकुमारी थीआठ साल की उम्र में लेली कंधों पर जिम्मेदारी थीउनके जीवन में
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May
प्रार्थना…!
सबाब ना हो सकेतो कोई बात नहींगुनाह भी मत करानाआघात लगे,किसी के दिल मेंवह काम न करनाबस इतनी रहमतकर देना
20
May
जय अहिल्या जय मल्हार!
संघर्ष, युद्ध में, दो ललकार!चाहे जीतो, या हो हार!प्रण के आगे, प्राण है क्या?रक्खो हिम्मत, शौर्य, कटार!पक्षपात नहीं, समरसता होहर
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May
धनगर अब जाग रहा है!
धनगर अब जाग रहा है, अपनी ताकत पहचान रहा,जो कल तक चुप बैठा था, अब हक की भाषा जान रहा।किसी
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May
मां की स्व-महिमा होती है!
शिशुओं का पूर्ण जहां होती है!मां की स्व-महिमा होती है!संतानों की सृष्टि रचतींसंतानों पर दृष्टि रखतींखुद को दांव लगाती हैतब