24
Oct
सबक सिखाती हैं प्राकृतिक आपदाएँ!
सबक सिखाती हैं प्राकृतिक आपदाएँ!संतुलन में सृष्टि रहे, वही सीख अपनाएँ!सांस्कृतिक कर्तव्य डगमगाने लगा हैधार्मिक विषयों में अंतर आने लगा
23
Oct
बेटी का बाप हूँ…
बेटी का बाप हूँहाँ, एक बेटी का बाप हूँऔर मुझे वंश की दुहाई न दोन उद्धार कीन मुखाग्नि कीमैं कोई
22
Oct
सुंदर और मधुर…
(1)जीवन में सुंदर सपने सजाओ।मधुर व्यवहार से जीवन महकाओ।बहुत प्यारी है गुलाब के फूल की सुंदरता।दिल को छू लेती है
18
Oct
देख प्रभु सत्ता के नेता!
देख प्रभु सत्ता के नेता, करें कुठाराघात!प्रपंची नेताओं की जात!विद्यालय से शिक्षा गायब, मिलता दाल-भात!बच्चों को भी डसें ये साँप!धर्म
18
Oct
जितना उठोगे देह से!
(मधुगीति 261007 C) 16:07जितना उठोगे देह से,जितना तरोगे मोह से;उतना ही हल्का होओगे,जा व्योम ज्यादा लखोगे!एक दिन है जग को