29
Aug
न जाने क्यों…
न जाने क्यों ये अपने ही भरोसा तोड़ जाते है।बड़ी मुश्किल की राहों पर अकेले छोड़ जाते हैं।हमारे हिस्से में
22
Aug
पहनिए सुखमय जीवन ताज!!
जन-जन उलझन से भरा हुआ है, हावी युग-सम्राज!पहनिए सुखमय जीवन ताज!!अपमानित हर-एक का जीवन, किस पर करिए नाज?पहनिए सुखमय जीवन