08
May
वह नारी मां कहलाती है!
जो हर दुख हंसकर सहती है।कठिनाइयों से डटकर लड़ती है।वह नारी मां कहलाती है।पति को देवताससुराल को स्वर्ग बनाती है।वह
29
Apr
आजकल का युवा…
आजकल का युवातनावग्रस्त होकरखीज और कुढ़न में जी रहा है।फैशन परस्ती में फंसकरसिर के बालों में नये-नये आकार दे रहा
26
Apr
कितनी रहीं सुरंग!
(मधुगीति 260416 E) 01:33कितनी रहीं सुरंग,कितने मन के झरोखे;आयाम कितने हर तरंग,आए रहे मेखे!चोखे कभी लगे जो कितने,हो गए फीके;देखे
23
Apr
सनातन धर्म की जय-जयकार!
अवधपुरी में दशरथ राजा, इनके बेटे चार!सनातन धर्म की जय-जयकार!तीन रानियाँ कैकेई, सुमित्रा, कौशल्या आधार!सनातन धर्म की जय-जयकार!भरत, लक्ष्मण, शत्रुघन