07
Sep
गोचरों का नेपथ्य : एक समीक्षात्मक मूल्यांकन
गोचरों का नेपथ्य पुस्तक की परिकल्पना आज से लगभग 3 वर्ष पूर्व डॉ. जेपी बघेल व शिवकुमार दीपक की वार्ता
05
Sep
लघुकथा-वंश…
सरकारी अस्पताल के बरामदे में करीब साठ-पैंसठ साल की एक बुढ़िया बड़ी ही बेचैनी से टहल रही थी, पर उसका
14
Aug
लघुकथा-अमावस की रात
रुमौली अपने छोटे भाई को लेकर बहुत परेशान थी। उसका बुखार जा ही नहीं रहा था। पिछले पन्द्रह-बीस दिन से
09
Aug
लघुकथा-गली का गुंडा
कभी गली का गुंडा हुआ करता था हरेराम। एक दिन नेताजी के कार्यक्रम में पूडी-सब्जी खाने के लिये चला गया
31
Jul
अपनों का दर्द…
सिपाही चमन लाल का मोबाइल फोन बज उठा, शायद उसकी माँ बोल रही थी, दु:खी और घबराई हुई। ‘हल्लो-हल्लो… हाँ