04
Oct
मंजिल पर तुझको जाना है!
जीवन की राहों में चलकरमंजिल पर तुझको जाना है।कुछ छूट गया है तो क्या गम हैआगे भी तो कुछ पाना
04
Oct
माता-पिता अरु जन्मभूमि!
माता-पिता अरु जन्मभूमि,पर्यावरण ही प्राण,सबसे बढ़कर हैं यही,साक्षात भगवान !पंचतत्वमय भ्रूण को,धारण माँ ने किया,सृष्टि की कारीगरी ने,तन को जन्म
01
Oct
दीप जलाएं!
आओ सब जन मिलकर दीप जलाएं।अंधेरा मिटाकर उजाला घर ले आएं।।आओ सब जन मिलकर रंगोली सजाएं।घर-आंगन में ढेरों खुशियां बिखराएं।।रात
30
Sep
इतिहास औ भूगोल तुम!
(मधुगीति 260923 A) 23:16 इतिहास औ भूगोल तुम,साहित्य संस्कृति ज्ञान तुम;विज्ञान आविष्कार तुम,खोजे जिसे वो ही स्वयम!सब तुम्हीं से तुम