Latest News
14
Aug
वंदे मातरम…
वंदे मातरम वंदे मातरम,वंदे मातरम गाए जा।शस्य श्यामला वीरभूमि को,अपना शीश झुकाए जा।आगे कदम बढ़ाए जा।वंदे मातरम वंदे मातरमवंदे मातरम
10
Aug
आजादी का अमृत महोत्सव!
आजादी का अमृत महोत्सव आज हम मना रहे,खुशी से जगह-जगह तिरंगा फहरा रहे।।आज ही के दिन तो जन-जन उत्साहित थे,
09
Aug
हर गरीब की जिंदगी!
दो वक्त की रोटी मिले, दो खोली का मकान!हर गरीब की जिंदगी, दो खोज में हलकान!!जीवनभर सोचे, कहाँ मूल सुविधाएँ
06
Aug
आए विलोके कितने लोक!
(मधुगीति 260802 A) 4:30 आए विलोके कितने लोक,विदेही रहे;धर देह गेह किए कौतुक,और चल दिए!दृष्टा बने वे रहे,चहे ज्यादा ना