26
Apr
कितनी रहीं सुरंग!
(मधुगीति 260416 E) 01:33कितनी रहीं सुरंग,कितने मन के झरोखे;आयाम कितने हर तरंग,आए रहे मेखे!चोखे कभी लगे जो कितने,हो गए फीके;देखे
23
Apr
सनातन धर्म की जय-जयकार!
अवधपुरी में दशरथ राजा, इनके बेटे चार!सनातन धर्म की जय-जयकार!तीन रानियाँ कैकेई, सुमित्रा, कौशल्या आधार!सनातन धर्म की जय-जयकार!भरत, लक्ष्मण, शत्रुघन
22
Apr
भ्रम रहे कितने भव में!
(मधुगीति 260408 A) 21:00भ्रम रहे कितने भव में,भ्रमर कितने हैं विचरे;कितने भँवर हैं प्रकटे,चिदाकाशी कुहरे!हर चेहरा रहा युद्ध,शुद्ध ना अभी
22
Apr
दहेज प्रथा…
सामाजिक बुराईदहेज की परछाईकोई नहीं करता परहेजसबको चाहिए दहेजइसके बिना शादियां सूनीदहेज बेटियों का है खूनीबेटियों की सुनो व्यथा-कथाबंद करो