22
Aug
अलवेली हर ही बेल!
(मधुगीति 260816 अ) 11:00 अलवेली हर ही बेल,ब्रह्म वाटिका रही;अल्हड़ नवेली उत्स भरी,जल-जले बही!हुलसित हृदय से झाँकी,बाँकी आत्म उर रही;काया
21
Aug
शोषण बंद करो!
ओ समाज के ठेकेदारों,कुछ तो रहम करो।।पंचायती के नाम पर,शोषण बंद करो, शोषण बंद करो।।छोटी-छोटी बातों पर,पंचायती के आड़ में
16
Aug
खाप-पंचायत में जकड़ा!
खाप-पंचायत में जकड़ा, ग्रामीण सभ्य-समाज!पीड़ित-जन को न आए लाज!!इनके निजी मुकदमे, इनका उलटा राज-काज!पीड़ित-जन को न आए लाज!!देश का कानून,
14
Aug
वंदे मातरम…
वंदे मातरम वंदे मातरम,वंदे मातरम गाए जा।शस्य श्यामला वीरभूमि को,अपना शीश झुकाए जा।आगे कदम बढ़ाए जा।वंदे मातरम वंदे मातरमवंदे मातरम