03
Jul
जिस टहनी पर खुद बैठा है!
जिस टहनी पर खुद बैठा है,काटे क्यों नादान उसे!!भूल गया अस्तित्व स्वयं का,इतना है अभिमान तुझे!!आज समंदर भी पछताए,जीवन को
03
Jul
मेरा क्या मेरा है!
(मधुगीति 260701 A) 12:05मेरा क्या मेरा है,सब कुछ तो तेरा है;तैरा है तारा है,सुर लय हर न्यारा है!हर कोई सहारा
29
Jun
हे अयोध्या!
हे अयोध्या! तेरी प्राची में उठी घोर बेदर्दी की आग;श्रीराम के चुराए स्वर्ण आभूषण, क्या नष्ट हुआ श्रद्धा का भाग?मंदिर