हरिकमल दर्पण का न्यूज पोर्टल पिछले काफी समय से निरंतर चल रहा है जिसमें हाल ही में काफी बदलाव भी किए गए हैं। कुछ तकनीकी कारणों से या यूँ कहिए कि आर्थिक व शारीरिक मजबूरियों के कारण हम अपने न्यूज पोर्टल को अभी तक वह रूप नहीं दे सके हैं जिसकी हमने कल्पना की थी। फिर भी जितने संसाधन हमारे पास हैं, उन सभी का इस्तेमाल करते हुए अपनी पूरी ताकत से हम अपने न्यूज पोर्टल को निरंतर बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसमें हमें समाज के सभी लोगों से सहयोग की अपेक्षा है। आप अपने सुझाव, शिकायतें अथवा अन्य किसी भी प्रकार का सहयोग देकर इस कार्य में हमारी मदद कर सकते हैं। जो लोग सोशल मीडिया के जानकार हैं वे अवश्य आगे आएं और न्यूज पोर्टल को लोकप्रिय बनाने के लिए यथासंभव अपना सहयोग दें। हमारा प्रयास है कि दुनियाभर में गडरिया समाज के जितने भी लोग हैं उन्हें इस पोर्टल के माध्यम से जोड़ा जाए, साथ ही हमारे समाज के सभी छोटे-बड़े समाचारों, लेखों, कविताओं को प्रकाशित किया जा सके। यह कार्य थोड़ा मुश्किल जरूर प्रतीत होता है लेकिन असंभव बिलकुल नहीं है। केवल अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। गूगल पर ‘हरिकमल दर्पण’ टाइप कर कोई भी व्यक्ति हमारे न्यूज पोर्टल से जुड़ सकता है। इसके लिए किसी को कुछ भी खर्च करने की जरूरत नहीं है। जैसे-जैसे हमारे पाठकों की संख्या बढ़ेगी, न्यूज पोर्टल की आय भी स्वत: बढ़ने लगेगी। हमारा प्रयास है कि देश के प्रत्येक छोटे-बड़े शहर में हरिकमल दर्पण का अपना कार्यालय हो और प्रत्येक जिले में हमारे संवाददाताओं की मजबूत टीम हो जो शासन-प्रशासन तक हमारे समाज की बात को पहुंचा सके और हमारी समस्याओं का समाधान करा सके। मुझे बताने की जरूरत नहीं है कि देश में मीडिया भी एक बहुत बड़ी ताकत माना जाता है लेकिन दुर्भाग्य से हमारा समाज इस क्षेत्र में बहुत पीछे है। हरिकमल दर्पण का प्रयास है कि हमारा समाज भी मीडिया के क्षेत्र में आगे आए और सच्ची व निर्भीक पत्रकारिता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करे। इससे समाज को निश्चित रूप से चहुंमुखी लाभ होगा।
इस हफ्ते इन्हीं शब्दों के साथ जय पाल समाज!
-निरंजन सिंह पाल
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