टूंडला। 22 मार्च को धनगर महासभा उत्तर प्रदेश द्वारा गांव छिकाऊ में जागरूकता बैठक आयोजित की गई जिसमें धनगर समाज के युवा, महिला, पुरुष और बच्चों को जागरूक करते हुए धनगर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व मानव अधिकार सर्वेक्षण के जिला अध्यक्ष भंवर सिंह धनगर एडवोकेट ने कहा कि धनगर समाज आजादी से पूर्व सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, राजनीतिक रूप से कमजोर और पिछड़ा हुआ था। संविधान शिल्पियों ने धनगर समाज को अनुसूचित जाति की क्रम संख्या 27 पर दर्ज कर संविधानिक अधिकार दिए हैं। धनगर समाज आजादी से लेकर अब तक अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित है, पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा और वर्तमान सरकार द्वारा धनगर जाति को धनगर प्रमाण पत्र जारी करने के लिए शासनादेश तो कर दिया गया है लेकिन शासनादेश के अनुपालन में प्रशासन द्वारा खुला उल्लंघन किया जा रहा है और शासनादेश की अनदेखी की जा रही है। धनगर समाज ने केंद्र और राज्य सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी लेकिन संविधान में अधिकार न मिलने से धनगर समाज में काफी आक्रोश है। सरकार द्वारा सबका साथ सबका विकास और अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की बात की जा रही है लेकिन धनगरों के साथ उपेक्षा का व्यवहार किया जा रहा है जिससे धनगर समाज में काफी आक्रोश है। यदि शासनादेश के अनुपालन में प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए तो समाज सरकार का विरोध करने के लिए बाध्य होगा। जागरूकता बैठक में समाज में फैली कुरीतियों अशिक्षा, मृत्युभोज, नशाखोरी, गुटका, शराब, जुआ, बाल विवाह आदि को त्यागने पर मंथन किया गया। बैठक में शिवानी धनगर, पार्वती धनगर, संगीता धनगर, रेनू धनगर, भारती धनगर, संध्या धनगर, विष्णु धनगर, पुष्पेंद्र धनगर, संतोष धनगर, हिंदी धनगर, मोकम सिंह धनगर, गौरव धनगर, अजय धनगर, रामपाल धनगर, अन्वी धनगर, अंशुल धनगर, रामू धनगर, पारुल धनगर, प्रमोद धनगर, मुस्कान धनगर, सुमित धनगर, कांति देवी, मुन्नी देवी, कमलेश धनगर, पायल धनगर, जयमाला धनगर, रेनू धनगर, धर्मपत्ति धनगर, भावना धनगर, मन्नू धनगर, प्रियंका धनगर, पप्पू सिंह धनगर, अनु धनगर, खजान सिंह धनगर, रामबाबू धनगर, भोला सिंह धनगर, ममता धनगर आदि ने भाग लिया। -ब्यूरो
टूंडला में धनगर महासभा द्वारा जागरूकता बैठक आयोजित
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