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युवराज यशवंत राव होल्कर को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

इंदौर। होल्कर राजपरिवार में उत्तराधिकार को लेकर एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। महारानी उषा देवी की स्पष्ट इच्छा के अनुसार श्रीमंत युवराज यशवंत राव होल्कर बहादुर को इंदौर के होल्कर राजपरिवार का उत्तराधिकारी घोषित किया गया है। कार्यक्रम इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा में आयोजित हुआ, लेकिन युवराज का महेश्वर से गहरा संबंध होने के कारण इस घोषणा में महेश्वर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की विशेष झलक भी देखने को मिली। महेश्वर, जो कभी होल्कर राज्य की राजधानी रहा है, आज भी इस राजपरंपरा की आत्मा के रूप में जुड़ा हुआ है। उत्तराधिकारी घोषणा के इस अवसर पर राजवाड़ा स्थित मल्हारी मार्तंड देवस्थान में भगवान मल्हारी मार्तंड का आशीर्वाद लेने हेतु एक निजी सभा और भव्य पूजा-अनुष्ठान का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता होल्कर परिवार के राजगुरु डॉ. विजय राजोपाध्याय ने की। रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को पूजा-अर्चना करने और भेंट चढ़ाने का अवसर भी मिला, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक आस्था और श्रद्धा से ओतप्रोत रहा। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात पूर्व इंदौर रियासत के सम्मानित सरदारों का पारंपरिक दरबार भी आयोजित किया गया। इस दरबार में सरदार, दरबारी, दरकदार, खकुर एवं अन्य वंशानुगत प्रतिष्ठित जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। कार्यक्रम पूरे राजसी वैभव, गरिमा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर युवराज यशवंत राव होल्कर ने भावुक शब्दों में कहा कि उनकी बुआ महारानी उषा देवी द्वारा उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपा जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय के साथ होल्कर परिवार की भूमिका भी बदल रही है और वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि होल्कर सांस्कृतिक केंद्र के माध्यम से विरासत संरक्षण, ‘रेखा सोसाइटी’ और ‘सुमनवीव’ के माध्यम से हथकरघा उद्योग के पुनरुत्थान तथा खासगी ट्रस्ट के जरिए लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की परोपकारी और धार्मिक सेवा परंपरा को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने अपने उद्बोधन में अपने कुलदेवता भगवान मल्हारी मार्तंड, अपने पिता महाराज प्रिंस रिचर्ड उर्फ शिवाजीराव होल्कर, माता पद्मश्री शैली उर्फ शालिनी देवी होल्कर, बहन सबरीना उर्फ संयोगिता राजे, बुआ महारानी उषा देवी, फूफा सतीश मल्होत्रा, दादा स्वर्गीय महाराजाधिराज यशवंतराव द्वितीय होल्कर सहित समस्त पूर्वजों का स्मरण करते हुए उनके आशीवांद की कामना की। इंदौर और महेश्वर सहित निमाड़ क्षेत्र के लोगों ने इस घोषणा को होल्कर वंश की परंपरा का नया अध्याय बताते हुए हर्ष व्यक्त किया है। नागरिकों का मानना है कि युवराज के नेतृत्व में होल्कर परिवार की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी, जिससे महेश्वर की ऐतिहासिक पहचान और अधिक सशक्त होकर सामने आएगी। -ब्यूरो

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