टूंडला। धनगर महासभा उत्तर प्रदेश की बैठक गांव सिकरारी, हिम्मतपुर और गढ़ शेखूपुर में हुई। जवाहर सिंह धनगर पूर्व प्रधान ने कहा कि शासन प्रशासन द्वारा धनगर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भंवर सिंह धनगर एडवोकेट को हाउस अरेस्ट किया जाना बहुत ही निंदनीय है। भंवर सिंह धनगर एडवोकेट 24 जनवरी 2019 के हुए शासनादेश के तहत धनगर अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी कराए जाने के लिए योगी आदित्यनाथ को फिरोजाबाद में 22 जून को ज्ञापन देकर प्रमाण पत्र की मांग कर रहे थे। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की टूंडला में प्रतिमा लगाए जाने की भी मांग करनी थी जिसके लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना था लेकिन सरकार के इशारे पर प्रशासन द्वारा भंवर सिंह धनगर को हाउस अरेस्ट किया जाना धनगर समाज के अधिकारों का गला घोटने जैसा है। यदि सरकार के इशारे पर प्रशासन द्वारा इसी तरह पदाधिकारियों को रोका जाता रहा तो धनगर समाज अधिकारों से पूर्णत: वंचित रह जाएगा और सरकार में बैठे मंत्री, विधायक, ब्लॉक प्रमुख व अन्य प्रतिनिधि ही सरकार के प्रतिनिधि बने रहेंगे। बैठक में राधेश्याम धनगर पूर्व प्रधान, डॉक्टर आरबी सिंह धनगर, भोले शंकर धनगर, महेंद्र प्रताप सिंह धनगर राजेंद्रपुर बीडीसी, शिव सिंह धनगर, राजवीर सिंह धनगर, शुभम धनगर, मयंक धनगर, देवेंद्र धनगर संरक्षक, राधेश्याम धनगर, लक्ष्मण सिंह संरक्षक, दिनेश कुमार एडवोकेट, बहोरीसिंह एडवोकेट, मनपाल सिंह एडवोकेट, रामसनेही धनगर आदि लोगों ने एकजुट होकर भंवरसिंह धनगर एडवोकेट को हाउस अरेस्ट करने की निंदा की। -ब्यूरो
भंवरसिंह धनगर एडवोकेट को हाउस अरेस्ट करने की निंदा
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