बीकानेर। 30 जून को डेयरी महाविद्यालय द्वारा गोद लिये गये गाँव कतरियासर में खेत बचाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. राजेश कुमार धूड़िया, निदेशक प्रसार शिक्षा, राजुवास, बीकानेर ने किसानों को कीटनाशकों का प्रयोग कम से कम करने की सलाह दी, क्योंकि यह कैंसर जैसी बीमारी पैदा करते हैं जो कि लाइलाज है। अत: किसान अपने खेत में समुचित उर्वरक व पानी के प्रयोग से तथा उचित फसल चक्र अपनाकर अपना खेत बचा सकते हैं तथा अधिक पैदावार लेकर फसलों से अधिक आय प्राप्त कर खुशहाल बन सकते हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष व विशिष्ट अतिथि प्रो. राहुल सिंह पाल, अधिष्ठाता डेयरी महाविद्यालय, बीकानेर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत-2047 की कल्पना को साकार करने के लिए किसानों को खुशहाल व समृद्ध बनाना होगा। इसके लिए जरूरी है कि किसान को अपने खेतों को बचाना होगा क्योंकि किसान अंधाधुंध कीटनाशकों व पादप नाशकों का प्रयोग करते हैं, साथ ही उर्वरकों व पानी का भी अधिक प्रयोग करते हैं जिससे लगातार किसानों के खेतों की उपजाऊ शक्ति कमजोर होती जा रही है। खेतों की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए किसान जैविक खादों, हरी खादों, कम्पोस्ट, भेड़-बकरियों के मल-मूत्र से बनी खादों का प्रयोग करें क्योकि इनमें फसल के लिए आवश्यक पोषक तत्व मौजूद रहते हैं, साथ ही अपने खेत की मृदा का परीक्षण मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में करवाएं। इनकी सिफारिश के आधार पर ही किसान अपनी फसलें बोएं तथा मृदा में उपलब्ध कम पोषक तत्वों वाले उर्वरकों का खेत में प्रयोग करें, इससे न सिर्फ किसानों के खेत बचेंगे बल्कि किसानों की फसलों की पैदावार बढ़ेगी, साथ ही किसान भी खुशहाल होगा तथा देश समृद्ध बनेगा। कार्यक्रम अतिथि डॉ. सुशील खारिया, सहायक आचार्य एस.के.आर.ऐ.यू. बीकानेर व कृषि अधिकारी श्रीमती संगीता मेहता कृषि विभाग, बीकानेर ने भी खेत बचाओ अभियान से जुड़कर किसानों द्वारा चाही गई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कतरियासर गांव के सरपंच प्रतिनिधि एवं समाजसेवी सुरजाराम ने खेत बचाओ अभियान के तहत उपस्थित अधिकारियों व किसानों का स्वागत किया तथा किसानों से जिम्मेदारी से काम करने का अनुरोध किया ताकि खेतों को बचाया जा सके। इस कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. सुनील कुमार ने आगंतुकों को धन्यवाद देते हुए किसानों से अपील की कि वे विषय विशेषज्ञों द्वारा बताई गई जानकारी को आत्मसात करके इससे लाभ लेवें। कार्यक्रम में उपस्थित कृषि परिवेक्षक धर्माराम व डॉ. रीटा ने भी किसानों को महत्वपूर्ण सलाह दी। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनिया मोर सहायक आचार्य डेयरी महाविद्यालय के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 120 महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित रहे। -प्रो. राहुल सिंह पाल
‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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