
आगरा। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में 30 जून को आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एत्मादपुर के मॉडल स्कूल परिसर में प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई के शासन और न्याय व्यवस्था से प्रेरणा लेकर सरकार काम कर रही है। लोकमाता का जीवन जनकल्याण और सनातन के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए समर्पित रहा। विशिष्ट अतिथि महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे ने कहा कि महारानी बनने के लिए सिंहासन चाहिए लेकिन लोकमाता बनने के लिए करोड़ों लोगों का विश्वास चाहिए। जैसे भगवान राम अयोध्या के नहीं पूरे देश के हैं, भगवान कृष्ण मथुरा के नहीं, शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के नहीं संपूर्ण देश के हैं, इसी प्रकार लोकमाता मालवा की नहीं पूरे देश की लोकमाता हैं। केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने 12,776 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया। कश्मीर से कन्याकुमारी तक धर्मशालाओं, कुएं बनाने का कार्य किया। वह नारी सशक्तीकरण की मिसाल हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने लोकमाता के योगदान को सम्मान देते हुए उनके नाम पर विभिन्न संस्थानों का नामकरण किया है। प्रो. बघेल ने समाज के लोगों से कहा कि अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। गणित और अंग्रेजी की पढ़ाई को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार में सफलता दिला सकती है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने के बजाय रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा अपनाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने चिकित्सकों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार पदों पर कार्यरत समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे समाज के जरूरतमंद लोगों की यथासंभव सहायता करें। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भारणे, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, रामराव वडकुते, विधायक पूजा पाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, विधायक चौ. बाबूलाल, डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, डॉ. धर्मपाल सिंह, भगवान सिंह कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, पूर्व विधायक गुटियारी लाल दुबेश, दिगंबर सिंह धाकरे आदि मौजूद रहे। समारोह में एत्मादपुर, टूंडला और जलेसर विधानसभा क्षेत्रों के साथ ही आगरा व फिरोजाबाद जिले के 150 से अधिक गांवों के लोग भी पहुंचे जिससे देखते ही देखते जयंती समारोह राजनीतिक आयोजन से अलग सामाजिक आयोजन बन गया जिसमें सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और सर्वसमाज के लोग पहुंचे। -ब्यूरो