जाति प्रमाण पत्र आवेदन बिना कारण बताए खारिज करना असंवैधानिक : हाईकोर्ट
प्रयागराज। युवा अधिवक्ता राजीव कुमार पाल की रिट संख्या 20758/2026 पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है जिससे अब प्रदेश में धनगर सर्टिफिकेट बनने का रास्ता लगभग खुल चुका है। अपने निर्णय में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र के आवेदन को बिना ठोस कारण बताए खारिज करना असंवैधानिक है। केवल विभागीय वेबसाइट पर साक्ष्य अभाव लिखकर आवेदन निरस्त करना पर्याप्त नहीं है, प्रशासनिक अधिकारियों को कारणयुक्त आदेश पारित कर उसकी प्रति आवेदक को उपलब्ध करानी होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने मथुरा निवासी आलोक धनगर और उनकी बहन की याचिका पर दिया। याचिकाकर्ताओं ने अनुसूचित जाति धनगर श्रेणी में प्रमाण पत्र के लिए तहसीलदार के समक्ष आवेदन किया था। 23 फरवरी 2026 को उनका आवेदन केवल साक्ष्य अभाव अंकित कर खारिज कर दिया गया। उन्हें अस्वीकृति का विस्तृत कारण, जांच रिपोर्ट की प्रति या आदेश की प्रति नहीं भेजी गई। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। खंडपीठ ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि केवल वेबसाइट पर सूचना अपलोड करना विधिसम्मत सूचना नहीं है। प्रत्येक आवेदक का यह वैधानिक अधिकार है कि उसे अस्वीकृति के आधार बताए जाएं। हाईकोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया कि आवेदकों को जांच रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज करने और कमियां दूर करने का अवसर मिलना चाहिए। इसके बाद स्वीकृति या अस्वीकृति का विस्तृत एवं कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए। इस आदेश की प्रति सात दिनों के भीतर आवेदक को उपलब्ध कराई जाए। अदालत ने यह भी कहा कि विभागीय वेबसाइट पर जांच रिपोर्ट और अंतिम आदेश डाउनलोड करने योग्य लिंक के रूप में उपलब्ध हों। न्यायालय ने निर्देश दिया कि जाति प्रमाण पत्र आवेदन की पूरी प्रक्रिया आवेदन की तारीख से दो महीने के भीतर पूरी की जाए। प्रदेश के मुख्य सचिव को भी इस आदेश को सभी जिलों और तहसील स्तर तक प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही तीन महीने के भीतर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने पर विचार करने को कहा गया। एडवोकेट राजीव कुमार पाल ने हाईकोर्ट के फैसले पर हर्ष व्यक्त करते हुए सभी सामाजिक बंधुओं से अपील की है कि अगर कोई भी तहसीलदार आपको परेशान करता है या सर्टिफिकेट को बिना किसी तथ्य के खारिज करता है तो आप हाईकोर्ट की शरण लेकर अपना प्रमाण पत्र जारी करवा सकते हैं। समाज की लड़ाई लड़ने के लिए एडवोकेट राजीव कुमार पाल का हरिकमल दर्पण परिवार आभार व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ देता है। -सम्पादक