वड़ोदरा। गुजरात पाल महासभा ने एक ऐसा महत्वपूर्ण कदम हासिल किया है, जिसकी गूंज आने वाले समय में पूरे देश के पशुपालक समाज में सुनाई देगी। गुजरात पाल महासभा द्वारा गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, गांधीनगर को पत्र लिखकर महान राष्ट्रमाता, लोकमाता एवं आदर्श शासिका देवी अहिल्याबाई होलकर के प्रेरणादायी जीवन चरित्र को गुजरात के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की गई थी। गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड गांधीनगर के सहायक सचिव द्वारा गुजरात पाल महासभा के संस्थापक नेमसिंह बघेल को आधिकारिक पत्र के माध्यम से जवाब दिया गया है कि विशेषज्ञों की राय के अनुसार माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के प्रेरणादायी व्यक्तित्व एवं कृतित्व को सामाजिक विज्ञान अथवा गुजराती विषय में उनके जीवन चरित्र, निबंध और प्रेरक प्रसंगों को शीघ्र ही शामिल किया जाएगा। गुजरात पाल महासभा के अध्यक्ष नेमसिंह बघेल ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि हमारा उद्देश्य केवल अपने महापुरुषों का सम्मान कराना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह बताना भी है कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने अपने अद्वितीय शासन, न्यायप्रियता, जनकल्याण, धर्मपरायणता और राष्ट्रसेवा से भारतीय इतिहास में अमिट स्थान बनाया है। आज जरूरत है कि देश के प्रत्येक राज्य में हमारे महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास को शिक्षा के पाठ्यक्रम में उचित स्थान मिले। दीपावली के पावन पर्व से पहले गुजरात पाल महासभा की यह उपलब्धि पूरे पशुपालक समाज के लिए किसी दीपोत्सव से कम नहीं है। आइए, इस ऐतिहासिक पहल का स्वागत करें और समाज की एकजुटता को और मजबूत बनाएं। -ब्यूरो
गुजरात में पढ़ाया जाएगा लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर का जीवन चरित्र
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