बिलासपुर। दक्षिण कौशल साहित्य एवं कला परिषद बिलासपुर के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य उत्सव 1 नवंबर को स्थानीय जेपी वर्मा महाविद्यालय सभागार में शानदार काव्य गोष्ठी, विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अभ्यागत राष्ट्र के वरिष्ठ ख्यातिलब्ध साहित्यकार एवं थावे विद्यापीठ के कुलपति डॉक्टर विनय कुमार पाठक रहे। कार्यक्रम भूषण उच्च न्यायालय बिलासपुर के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बाजपेई, कार्यक्रम के अध्यक्ष समाजसेवी शैलेंद्र सिंह कुशवाहा, काशी बनारस से पहुंचे जन संस्था के समाजसेवी प्रद्युमन, रमेश चंद्र श्रीवास्तव, जेपी वर्मा महाविद्यालय के प्राचार्य दुबे जी एवं बिलासपुर नगर निगम के एल्डरमैन देवाशीष घोष की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से किया गया। कार्यक्रम के संदर्भ में परिषद के अध्यक्ष डा. विवेक तिवारी द्वारा स्वागत भाषण में प्राथमिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का गरिमापूर्ण संचालन परिषद के संरक्षक डा. राघवेंद्र कुमार दुबे ने किया। वहीं काव्य गोष्ठी का संचालन डा. शत्रुघन जैसवानी ने किया। परिषद के पदाधिकारियों एवं बिलासपुर सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे साहित्यकारों द्वारा सामूहिक रूप से शाल, श्रीफल एवं पुष्पमाला भेंट करते हुए डा. विनय कुमार पाठक एवं आमंत्रित अतिथियों का अभिनंदन किया गया। द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का संचालन डा. शत्रुघन जैसवानी ने किया। अपनी सारगर्भित रचनाओं से साहित्यकारों ने सबका मन मोह लिया। हरिकमल दर्पण के छत्तीसगढ़ प्रतिनिधि एवं साहित्यकार नारायण प्रसाद पाली ने छत्तीसगढ़ के न्यायमूर्ति एवं राष्ट्र के वरिष्ठ साहित्यकारों को हरिकमल दर्पण की प्रतियां भेंट कीं। इस अवसर पर विजय कुमार तिवारी, अंजनी कुमार तिवारी, कविता मोटवानी, सनत तिवारी, डॉक्टर मंत्र राम यादव, शीतल प्रसाद पाटनवार, राजेश सोनार, डा. गजेंद्र , देवाशीष घोष, नारायण प्रसाद पाली, गया प्रसाद साहू, रामेश्वर खरे, ऋतुराज, डा. राघवेंद्र दुबे, डॉक्टर विवेक तिवारी एवं बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित रहे। -नारायण प्रसाद पाली
राज्य उत्सव के अवसर पर काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह संपन्न
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