Harikamaldarpan

लोड हो रहा है... लोड हो रहा है...

आजादी का अमृत महोत्सव!

आजादी का अमृत महोत्सव आज हम मना रहे,
खुशी से जगह-जगह तिरंगा फहरा रहे।।
आज ही के दिन तो जन-जन उत्साहित थे, सदियों की गुलामी से फिरंगी हतोत्साहित थे।।
आज ही यह सवेरा, आशा का उजेरा था,
घर-घर में उमंग से विकास का सवेरा था।।
उसे ही देशवासी आज यहाँ दिखा रहे,
खुशी से जगह-जगह तिरंगा फहरा रहे।।
आजादी का अमृत महोत्सव आज हम मना रहे,
उद्देश्य वतन प्यारा है, जगत से न्यारा है।
संकल्प साधना यही, एकता मंत्र है सही।।
सरहद पर शहीद हुए, तिरंगे की शान में।
शपथ सभी ले रहे हैं, देश की आन में।।
सन्देश मां भारती यहाँ हम सुना रहे।
खुशी से जगह-जगह तिरंगा फहरा रहे।।
आजादी का अमृत महोत्सव आज हम मना रहे,
देशहित धरम-करम बना रहे सभी में।
कहीं न हो द्वेषभाव, सदभाव सदा रहे।।
आज हम फिर से याद यही दिला रहे।
खुशी से जगह-जगह तिरंगा फहरा रहे।।
आजादी का अमृत महोत्सव आज हम मना रहे,
जय हिन्द, जय भारत, जय मां भारती।।
-जगदीश प्रसाद पाल, उन्नाव
परास्नातक जनसंचार
मो. 9794866822

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

संबंधित खबरें

Scroll to Top
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x