Harikamaldarpan

लोड हो रहा है... लोड हो रहा है...

बहुत-बहुत धन्यवाद, आभार!

10 फरवरी को मैं 63 वर्ष का हो गया। इस अवसर पर देशभर से बड़ी संख्या में मुझे जन्मदिन की शुभकामनाएँ मिलीं। शुभकामनाओं का सिलसिला सुबह से प्रारम्भ होकर देर रात तक चलता रहा। समाज के लोगों के इस प्यार और विश्वास के लिए मैं सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त करता हूँ। वैसे यह एक कड़वा सत्य है कि जीवन का कोई भरोसा नहीं, मृत्यु ही अटल सत्य है। जो पैदा हुआ है वो एक दिन नष्ट भी होता है, इस सत्य से कोई भी इंकार नहीं कर सकता। फिर भी जब तक जीवन है, हमें सदैव सत्कर्म करते रहना चाहिए। दूसरों की भलाई से बढ़कर कोई पुण्य का कार्य नहीं हो सकता, ऐसा मेरा मानना है। मैंने अपने समाज की चहुंमुखी प्रगति का स्वप्न देखा है और इसे साकार करने के लिए अपने जीवन के इस अंतिम पहर में अपनी पूरी सामर्थ्य से मैं प्रयासरत हूँ। मेरा मानना है कि समाज की चहुंमुखी प्रगति के लिए हमारा अपना एक सशक्त प्रचार माध्यम भी होना बहुत आवश्यक है। हरिकमल दर्पण अपने समाज में जागृति लाने का प्रयास कर रहा है लेकिन अब हम मीडिया की मुख्य धारा में शामिल होने के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए हरिकमल दर्पण प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कम्पनी बनाई गई है जोकि एक मीडिया हाउस है। इसी के अंतर्गत हरिकमल दर्पण डॉट कॉम के नाम से न्यूज पोर्टल भी चल रहा है जिसे बहुत बड़े स्वरूप में प्रस्तुत करने के लिए हम प्रयासरत हैं। यह एक अति महत्वाकांक्षी योजना है जिसमें समाज के सभी लोगों से सहयोग की अपेक्षा है।
इस हफ्ते इन्हीं शब्दों के साथ जय पाल समाज!
-निरंजन सिंह पाल

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