शाजापुर। वर्ष 2025-26 में विमुक्त घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु जनजाति महासंघ के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में लगभग 400 विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रवेश प्राप्त हुआ है, जहाँ उन्हें पूर्णत: नि:शुल्क शिक्षा, आवास एवं अन्य सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। इसी प्रकार पिछले वर्ष विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नीट, एनडीए, एसएससी, आरआरबी, क्लैट, जेईई, सीए, पुलिस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रदेश के विभिन्न जिलों के 585 विद्यार्थियों के खातों में कोचिंग शुल्क सीधे जमा किया गया था। इस वर्ष भी संगठन द्वारा लगभग 1000 विद्यार्थियों के फॉर्म भरवाए गए हैं, जिनमें से अनेक विद्यार्थियों की प्रथम किस्त भी उनके खातों में जमा हो चुकी है। साथ ही, सरकार की आरटीई योजना के माध्यम से कक्षा 1 से 10 तक नि:शुल्क शिक्षा का लाभ उन परिवारों के बच्चों को मिल रहा है जिनके पास बीपीएल राशनकार्ड है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन परिवारों के पास बीपीएल राशन कार्ड नहीं है, लेकिन उनके पास घुमक्कड़ जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध है, उन्हें भी इस योजना सहित अनेक शैक्षणिक योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। पिछले वर्ष भी अनेक विद्यार्थियों को केवल घुमक्कड़ जाति प्रमाण पत्र के आधार पर लाभ दिलाया गया। विमुक्त घुमंतू एवं अर्ध घुमंतु जनजाति महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं कार्यालय प्रभारी पटेल मधुसूदन धनगर ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि यह सफलता संगठन की सामूहिक जागरूकता एवं समाज के सहयोग से संभव हुई है। उन्होंने सभी से अपील की है कि संगठन से जुड़ें, घुमक्कड़ जाति प्रमाण पत्र अवश्य बनवाएँ, सरकार की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें एवं अधिक से अधिक लोगों तक यह जानकारी पहुंचाएं ताकि विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु जनजाति वर्ग का प्रत्येक परिवार केंद्र एवं मध्यप्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है, आइए मिलकर अपने समाज के भविष्य को मजबूत बनाएं। -ब्यूरो
विमुक्त घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु जनजाति महासंघ को मिली शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता
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