आगरा। 7 जून को कोलकाता में आयोजित होने जा रहे प्रतिष्ठित कार्यक्रम ‘आरकेडीएक्स कोलकाता टॉक्स’ में श्री गिर्राज देवांश अकादमी के संस्थापक, युवा मोटिवेशनल स्पीकर और शिक्षक डॉ. देवांश धनगर मानसिक स्वास्थ्य और बर्नआउट जैसे बेहद महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार साझा करेंगे। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवा बाहर से मुस्कुराते हैं, लेकिन अंदर से टूटते जा रहे हैं। सफलता की दौड़, परिवार की उम्मीदें और भविष्य की चिंता कई युवाओं को मानसिक रूप से कमजोर बना रही है। ऐसे समय में डॉ. देवांश धनगर का यह संदेश लोगों के दिलों को छू रहा है कि- ‘कमजोर होना गलत नहीं, लेकिन अपनी तकलीफ को छुपाकर अकेले लड़ना गलत है।’ बहुत कम उम्र में शिक्षा, अबेकस, कोडिंग और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले डॉ. देवांश ने हमेशा यह साबित किया है कि सच्ची सफलता केवल पैसा या प्रसिद्धि नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने ग्रामीण बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देकर अनगिनत विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दी है। कोलकाता में होने वाला यह आयोजन केवल एक टॉक शो नहीं, बल्कि युवाओं के टूटते आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने की एक कोशिश माना जा रहा है। डॉ. देवांश धनगर का मानना है कि ‘अगर इंसान अपने मन को संभालना सीख जाए, तो जिंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई भी जीत सकता है।’ यह कार्यक्रम निश्चित रूप से युवाओं के दिलों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और उम्मीद जगाने का कार्य करेगा। इस उपलब्धि के लिए डॉ. देवांश धनगर को हरिकमल दर्पण परिवार की ओर से बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ। -सम्पादक
संघर्षों से निकलकर युवाओं की आवाज बने डॉ. देवांश धनगर
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