भारत की महान नारी लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती 31 मई को ऐतिहासिक रूप से देश के सभी राज्यों में ग्राम से लेकर नई दिल्ली तक धूमधाम से मनाने की योजना बनाने हेतु अपने-अपने क्षेत्र में समाज के पदाधिकारी, युवा साथी, माता, बहनें, अधिकारी, कर्मचारी, व्यापारी, किसान, पत्रकार, लेखक, साहित्यकार सभी तैयारी में जुट गए हैं। विभिन्न राज्यों से इसकी सूचना भी प्राप्त हो रही है। सभी सामाजिक पदाधिकारियों एवं भाई-बहनों व युवा साथियों को बहुत-बहुत अग्रिम बधाई व शुभकामनाएं। साथ ही एक निवेदन है कि आप इस युग की महान नारी शक्ति की जयंती को केवल उत्सव के रूप में न मनाएं बल्कि उनके जो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुशासन, निष्पक्ष न्याय प्रणाली और अनेकों सेवा कार्यों के लिए इतिहास में जो स्थान प्राप्त नहीं हुआ था और जन-जन तक उनके जीवन स्वरूप का परिचय इतिहासकारों ने नहीं कराया था, उसकी जानकारी सभी को कराएं। इसकी जिम्मेवारी समाज के सभी भाई-बहनों की है। प्रात:स्मरणीय लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को भारत रत्न सम्मान के लिए 1 अप्रैल से हमने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर अभियान चलाया है। साथ ही 31 मई को जन्मदिन के अवसर पर राष्ट्रीय अवकाश के घोषणा की मांग की है। लोकमाता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के फलस्वरूप उन्हें भारत रत्न का सम्मान मिलना ही चाहिए। ऐसी हमारी अपनी मान्यता है। आप सभी करोड़ों भाई-बहनों से विनम्र निवेदन है कि इस विषय को समाज के संगठन की ओर से, सेवा समितियां की ओर से, महिला प्रकोष्ठ की ओर से, युवा साथियों की ओर से, अधिक से अधिक पत्राचार प्रधानमंत्री कार्यालय को अवश्य करें ताकि प्रधानमंत्री तक यह बात पहुंचे। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के सम्मान में भोपाल में जो डाक टिकट और चांदी का सिक्का जारी किया गया था उसी तरह प्रधानमंत्री मन की बात में महान नारी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को भारत सरकार द्वारा भारत रत्न सम्मान से नवाजे जाने की घोषणा करें तथा उनके जन्मदिन पर राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा भी करें, यह तभी संभव है जब गडरिया समाज के भाई जागरूक बनेंगे और अपनी भावनाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पत्र के माध्यम से पहुंचाएंगे। यदि यह कार्य हम और आप सब मिलकर संपन्न करते हैं तो निश्चित रूप से लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का नाम हमेशा-हमेशा के लिए राष्ट्र में बड़े ही गौरव के साथ लिया जाएगा तथा राष्ट्र में और विश्व में निवास करने वाले गडरिया समाज के लोग गर्व से कह सकते हैं कि माता अहिल्याबाई होलकर केवल भेड़-बकरी चराने वाले की बेटी नहीं थी। वह कुशल प्रशासक थी, जो राष्ट्र को अपने समय में इतनी ऊंचाई पर ले गर्इं कि आज भी राजनीति से जुड़े बड़े-बड़े पदाधिकारी लोग भी उनसे प्रेरणा प्राप्त करते हैं। आप सभी से यही निवेदन है कि इस अभियान को अधिक से अधिक गति देने की कृपा करें।
-नारायण प्रसाद पाली
वरिष्ठ नागरिक साहित्यकार गडरिया समाज छत्तीसगढ़
मो. 9575761235
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जयंती पर सार्वजनिक अवकाश हो!
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