मेरठ। नेशनल कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की निर्मम हत्या से पूरे पाल समाज में भारी रोष व्याप्त है। पुलिस ने रोहटा रोड पर फ्रेश बाइट नाम से फास्ट फूड कार्नर चलाने वाले श्याम धानक नामक व्यक्ति को हत्यारा बताकर जेल भेज दिया है लेकिन अनुष्का के परिवारजन संतुष्ट नहीं हैं। इस मामले में पुलिस-प्रशासन की भारी लापरवाही के कारण लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। ग्राम चिरोड़ी, सरधना निवासी 17 वर्षीय अनुष्का पाल के पिता नेमपाल किसान हैं, माता ललिता पाल गृहणी है, भाई अनमोल पाल 9वीं कक्षा में पढ़ता है। अनुष्का पाल बचपन से होनहार थी और उसे कबड्डी खेलने का शौक था। 15 अप्रैल को अनुष्का अचानक लापता हो गई थी। पिता ने कई बार नजदीक थाने के चक्कर काटे लेकिन पुलिस ने हर बार उन्हें अपमानित कर थाने से भगा दिया। पिता ने परेशान होकर पड़ोसी और रिश्तेदारों को एकत्रित किया और उन्हें लेकर थाने गए तब 28 अप्रैल को पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। 29 मई को परिजनों, समाज और ग्राम के लोगों ने एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर से शिकायत की तो पुलिस ने श्याम धानक को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर अनुष्का का कंकालनुमा शव रोहटा रोड के नाले से बरामद किया। बताया जाता है कि पुलिस ने पहले भी श्याम धानक को हिरासत में लिया था और 3 दिन उससे पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। पुलिस के अनुसार श्याम धानक के अनुष्का पर 3600 रुपये बकाया थे जिसको लेकर 15 अप्रैल को उनका विवाद हुआ और आरोपी ने ईंट से सिर कूचकर अनुष्का की हत्या कर दी और शव बोरे में भरकर नाले में फेंक दिया। पुलिस की कहानी पर अनुष्का के परिवारजन भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। सत्ताधारी भाजपा से लेकर तमाम राजनैतिक दलों के बड़े नेता इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग करते हुए अनुष्का के परिजनों से लगातार मिल रहे हैं। मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। देखना है कि पुलिस-प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करेगा। -ब्यूरो
नेशनल कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की निर्मम हत्या से भारी रोष व्याप्त
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