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लोड हो रहा है... लोड हो रहा है...

अपने-अपने अहंकार सब में हैं!

अपने-अपने अहंकार सब में हैं। प्रत्येक दूसरे से असमान है। कोई समान अस्तित्व के साथ नहीं हो सकता। रही बात बौद्ध धर्म की वहाँ भी हीनयान, महायान नामक दो पंथ हैं। जिस दिन इस लोकतान्त्रिक देश में आरक्षण अनुपातिक रूप से ओबीसी का दुगना हो जायेगा सवर्ण कौमों का वर्चस्व खत्म हो जायेगा। संसार में दोनों पूर्वी व पश्चिमी दर्शन में आस्तिक व नास्तिक पाए जाते हैं। एक बंगाली का छोटा लड़का बूटी के साथ नाग, नागिन का फन मुझे पकड़ा सकता है लेकिन मैं या मेरा लड़का यह करने में असमर्थ है। यह विधाता की सृष्टि असंख्य चमत्कारो से भरी पड़ी है। विचरण कीजिये। इसे समझना पड़ेगा ही, जो जातिवादी सोच के लोग नहीं समझ पा रहे हैं।
-जगदीश प्रसाद पाल, उन्नाव
परास्नातक जनसंचार
मो. 9794866822

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