Harikamaldarpan

लोड हो रहा है... लोड हो रहा है...

विश्व योगासन चैंपियनशिप में इंदौर की तीन बहनों डॉ. आरती पाल, सपना पाल और भावना पाल का कमाल, जीते स्वर्ण और रजत पदक

अहमदाबाद। 4 से 8 जून तक अहमदाबाद के ईकेए एरिना स्टेडियम में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व पटल पर अपना परचम लहराया। प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए योग को विश्व कल्याण का माध्यम बताया। इस अवसर पर योग गुरु स्वामी रामदेव, वर्ल्ड योगासन के महासचिव डॉ. जयदीप आर्य, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, संजय मालपानी, उमंग डांग, योगासन भारत के अध्यक्ष उदित सेठ, संयुक्त सचिव वेद प्रकाश शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश से नेशनल योगासन जज योगाचार्य महेश पाल भी विशेष रूप से इस आयोजन में शामिल हुए। विश्व योगासन चैंपियनशिप में विश्व के 79 देशों के 500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के इंदौर की तीन बहनों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित किया। डॉ. आरती पाल ने सीनियर एज ग्रुप ट्रेडिशनल इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। वहीं सपना पाल ने ग्रुप इवेंट में स्वर्ण पदक और भावना पाल ने इंडिविजुअल इवेंट में रजत पदक प्राप्त किया। नेशनल योगासन जज योगाचार्य महेश पाल ने बताया कि डॉ. आरती पाल बचपन से ही योग के प्रति समर्पित रही हैं। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। वे अनेक राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। इस विश्व चैंपियनशिप में उन्हें भारतीय योगासन टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था। डॉ. आरती पाल की कप्तानी में भारतीय टीम ने कुल 114 पदक अर्जित किए, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वर्तमान में डॉ. आरती पाल पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार में योग की प्रोफेसर हैं तथा योगासन भारत में संयुक्त सचिव का दायित्व भी निभा रही हैं। हाल ही में उनका नाम प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार के लिए भी प्रस्तावित किया गया है। सपना पाल एवं भावना पाल ने भी अपनी बड़ी बहन डॉ. आरती पाल से प्रेरणा लेकर योगासन खेल में उत्कृष्ट पहचान बनाई है। उनकी सफलता के पीछे उनके माता-पिता, गुरुजनों और परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर योगगुरु स्वामी रामदेव, डॉ. जयदीप आर्य, योगासन भारत के पदाधिकारियों, परिवारजनों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने तीनों बहनों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। -योगाचार्य महेश पाल

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

संबंधित खबरें

Scroll to Top
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x