कभी-कभी सुंदर और अच्छा होना भी हमारा ही दुश्मन बन जाता है। हद से ज्यादा सुंदरता भी आदमी की दुश्मन है। जिस प्रकार जो सुंदर फूल होता है सबसे पहले उसी को तोड़ा जाता है, उसी प्रकार हम लोगों के निजी जीवन में भी यही होता आ रहा है। जिस व्यक्ति के विचार, आचरण, विचारधारा, कार्य अच्छा है, सबसे पहले उसे तोड़ने के लिए हमारे लोग अपना पूरा जोर लगा देते हैं। जो हमारे समाज के कोहिनूर हैं, वे व्यक्ति जो कार्य करने की क्षमता रखते हैं, उन व्यक्तियों को रास्ते से हटाने के लिए तोड़ दिया जाता है और कुचल दिया जाता है जिससे हमारे समाज में प्रतिभावान लोगों का विलुप्त होना चालू हो गया है। हमको अगर प्रतिभाओं को बचाना है, अच्छे व्यक्तियों को समाज में रखना है तो कृपा करके एक-दूसरे को तोड़ने का, कुचलने का प्रयास न किया जाए। एक जागरूक नागरिक बनकर अपने फर्ज को अदा करें, तोड़ने की जगह जोड़ने का कार्य करें।
-हरिओम सिंह बघेल
महेश्वरा, ग्वालियर, मध्यप्रदेश
मो. 9977554274
एक-दूसरे को तोड़ने की जगह जोड़ने का कार्य करें!
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