
वडोदरा। 3 जुलाई को गुजरात पाल महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में मांग की गई कि भारत के सभी जिला एवं तहसील न्यायालयों से लेकर उच्च न्यायालयों तथा सर्वोच्च न्यायालय तक न्याय की प्रतीक के रूप में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा स्थापित की जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान शासक थीं, जिन्होंने अपने शासन काल में निष्पक्ष न्याय, सुशासन, जनकल्याण और धर्मनिरपेक्ष लोकसेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके न्यायप्रिय और संवेदनशील व्यक्तित्व के कारण वे आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ज्ञापन के माध्यम से आग्रह किया गया कि भारतीय न्याय व्यवस्था में न्याय, सत्य, समानता और लोककल्याण के आदर्शों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमाएं देश के सभी न्यायालयों में स्थापित की जाएं। गुजरात पाल महासभा का मानना है कि इससे भारतीय संस्कृति, इतिहास और न्याय परंपरा का सम्मान बढ़ेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को एक आदर्श न्यायप्रिय शासक से प्रेरणा मिलेगी। गुजरात पाल महासभा ने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रपति इस मांग पर सकारात्मक विचार करेंगी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएंगे। यह जानकारी जितेन्द्र कुमार पाल प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी गुजरात पाल महासभा ने दी। -ब्यूरो