आज समाज में अधिकतर राजनीतिज्ञ समाज के कम, दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं को खुश करने में ज्यादा लगे हैं। इस कार्य में वे बड़ी चतुराई से समाज का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। अभी कुछ समय पहले एक राज्य में एक मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए वहां के गड़रिया समाज ने पूरा का पूरा स्टेडियम भर दिया था, परन्तु श्रीगंगानगर के पास एक बघेल समाज की नाबालिग बच्ची के साथ बत्तीस दरिंदों ने अत्याचार की हदें पार कर दीं तो स्टेडियम को भरने वाला समाज किस बिल में जाकर छिप गया, ना विरोध, ना प्रदर्शन? अभी तक सोलह दरिंदे पकड़ से बाहर हैं। लगता है वे जातिवादी-मनुवादी समाज से ताल्लुक रखते होंगे जिसकी वजह से मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए शायद वहां का समाज चुप है। आज जरूरत है कि एक भाई सताया गया तो उसका साथ तन-मन-धन से देना चाहिए अन्यथा स्वार्थ के कारण किसी दूसरे का नम्बर आएगा। इसलिए एकजुट रहें, संगठित रहें, संघर्ष करें। यही जागरूक समाज की पहचान है।
-सतबीर बघेल, जेवर
मो. 8800120437
बच्ची पर अत्याचार : गडरिया समाज चुप क्यों?
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