स्वतंत्रता के बाद भी अनेक ऐसे समाज हैं देश में जो अत्यंत पिछड़े हुए हैं। ऐसे अत्यंत पिछड़े समाजों को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार के द्वारा सामाजिक भवन, सांस्कृतिक भवन, सामुदायिक भवन, अतिरिक्त भवन जैसे नामों से 20 लाख से 50 लाख रुपये तक का अनुदान विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री आदि दे रहे हैं। समाज के पदाधिकारी जो राष्ट्रीय या राज्य स्तर के हैं, सभी से निवेदन है कि यदि आपके समाज के पास अभी तक भवन के लिए कोई स्थान नहीं है तो अपने पदाधिकारी के साथ क्षेत्र के विधायक, सांसद, मंत्री से भेंट करें और अपने समाज के विकास के लिए बैठने का स्थान निश्चित हो, इसके लिए भूमि एवं भवन निर्माण हेतु प्रयास करें। समाज निर्माण के लिए, समाज के विकास के लिए समाज के लोगों को एक जगह बैठकर विचार-विमर्श करने के लिए सबसे पहले भवन की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त जिस समाज के भाई-बहनों को भवन उपलब्ध हो चुका है शासन द्वारा या स्वयं के प्रयास से उनसे निवेदन है कि वह अपने भवन में अपने समाज के संगठन को व्यवस्थित करने के लिए प्रत्येक महीने तिथि निर्धारित कर अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सचिव और सदस्य बैठक करें, विचार-विमर्श करें, अपने समाज की समस्या का निराकरण करें। इस प्रकार से आप सामाजिक भवन का सदुपयोग कर सकते हैं। अधिकांशत: देखा जाता है कि जितने भी सामाजिक भवन बने हुए हैं, उनका वार्षिक उत्सव व बैठक के लिए ही उपयोग होता है, बाद में वह भवन या तो पदाधिकारी के द्वारा ताला लगाकर रखा जाता है या उसका निजी उपयोग किया जाता है। ऐसा करने वाले सभी पदाधिकारियों से हमारी विनम्र प्रार्थना है कि सामाजिक भवन का उपयोग निजी कार्य में ना करें, अपने ही समाज के गरीब किंतु मेधावी छात्र जो हैं उनके छात्रावास के रूप में सामाजिक भवन का उपयोग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य रक्षा के लिए करने हेतु प्रयास करें। यदि यह कार्य होता है तो समाज के विकास में सहायता मिलेगी। अनेक ऐसे समाज हैं जिनका आज तक कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं बना, कोई न्यायाधीश नहीं बना, कोई राजनेता नहीं बना क्योंकि उनके बच्चों को शिक्षा के लिए प्राथमिक सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। यदि समाज के प्रबुद्ध वर्ग के लोग इस पर विचार-विमर्श करें कि अपने समाज के बच्चों को न केवल उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ाना है बल्कि उन्हें प्रशासनिक क्षेत्र में अधिकारी बनाने के लिए सामाजिक भवन में रहकर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले। जिस समाज का युवा वर्ग शिक्षित है, स्वस्थ है, रोजगार युक्त है, उस समाज का विकास प्रत्येक क्षेत्र में निश्चित रूप से होता है। राष्ट्र के सभी राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्षों को अपने-अपने स्तर पर अपने क्षेत्र में ऐसे रचनात्मक सेवा कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का अभियान चलाना चाहिए। समाज का विकास शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार से ही संभव हो सकता है।
-नारायण प्रसाद पाली
वरिष्ठ नागरिक साहित्यकार गडरिया समाज छत्तीसगढ़
मो. 9575761235
शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में करें सामाजिक भवन का उपयोग!
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