तखतपुर। गडरिया समाज के संघर्षशील चेहरे, ढेंगर गडंरिया समाज के वरिष्ठ प्रदेश मीडिया प्रभारी, सर्व गडरिया महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं साहित्यकार नारायण प्रसाद पाली समाज की बुलंद आवाज हैं। उम्र बढ़ गई तो क्या हुआ, जज्बा आज भी जवान है। समाज के लिए संघर्ष करने का जुनून और ऊर्जा आज भी उसी ताकत के साथ कायम है। उम्र सिर्फ एक संख्या है, असली ताकत विचारों, अनुभव, ज्ञान और हौसले में होती है। आज भी उनके साथ नौजवानों की मजबूत शक्ति खड़ी है और आने वाले समय में यह शक्ति और व्यापक रूप में सामने आएगी। समाज के ऐसे हीरे उम्र से नहीं, अपने कर्म, संघर्ष और विचारों से पहचाने जाते हैं। गड़रिया समाज के इतिहास और सामाजिक चेतना को समझने वाले नारायण प्रसाद पाली की सक्रियता आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है। वे गड़रिया समाज के हक, अधिकार और सम्मान की लड़ाई की एक बुलंद आवाज बन चुके हैं। 64 वर्ष की उम्र में भी फौलादी जिगर और अदम्य जीवटता के साथ संघर्ष करते रहना उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनकी बेबाक तकरीरें और सार्वजनिक मंचों पर मजबूती से समाज का पक्ष रखने की क्षमता उनकी अलग पहचान बन चुकी है। उनकी मौजूदगी किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार करती है। नारायण प्रसाद पाली का धारावाहिक लेख (30 दिनों में 30 लेख) प्रतिदिन प्रात: 8 बजे समाज हित में प्रस्तुत किया जाता है। यह समय केवल देखने का नहीं, जुड़ने, संवाद करने और समाज की एकजुट आवाज को मजबूत करने का है। ‘जिंदा हो तो जिंदा नजर आना चाहिए, समाज के लिए खड़े हो तो मैदान में नजर आना चाहिए!’ -निरंजन धनकर
समाज की बुलंद आवाज हैं नारायण प्रसाद पाली
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