
निष्पक्ष जांच, विधि के अनुसार कार्रवाई और सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग
मुजफ्फरनगर। सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में 3 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोकदल की स्वाभिमान रैली के दौरान पूर्व सांसद मलूक नागर द्वारा समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के प्रति की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पाल धनगर समाज में आक्रोश है। 10 सितंबर को अखिल विश्व क्षत्रिय पाल महासभा जनपद मुजफ्फरनगर के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं विधि के अनुसार कार्रवाई की मांग की। महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार पाल ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाता है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर किसी व्यक्ति अथवा समाज की गरिमा को प्रभावित करने वाली भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मयार्दाओं और सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि महासभा किसी राजनीतिक दल के पक्ष अथवा विपक्ष में नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान, संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन के पक्ष में अपनी आवाज उठा रही है। राजनीतिक असहमति को व्यक्तिगत अथवा सामाजिक अपमान में नहीं बदला जाना चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रकरण की वास्तविकता सामने लाने के लिए उपलब्ध वीडियो-आॅडियो रिकॉर्डिंग, समाचार रिपोर्टों एवं अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधि के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि कथित टिप्पणी से पाल धनगर समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो सामाजिक सौहार्द एवं आपसी सम्मान को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्पष्टीकरण अथवा क्षमा-याचना कराई जाए। सुनील कुमार पाल ने कहा कि पाल धनगर समाज शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में विश्वास रखता है। समाज की मांग किसी व्यक्ति के प्रति द्वेष या राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक जीवन में सम्मानजनक भाषा, सामाजिक गरिमा और समानता सुनिश्चित करने से जुड़ी है। ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट किरण पाल, एडवोकेट आदेश पाल, विनय पाल, राजेंद्र पटवारी, विकास पाल, नीटू पाल, रामबीर पाल, रविंदर पाल, प्रवीण पाल, देशपाल, अर्जुन पाल, गौतम पाल, आदित्य पाल, कृष्णपाल, मंजीत पाल एवं विवेक पाल सहित बड़ी संख्या में पाल धनगर समाज के लोग उपस्थित रहे। महासभा ने राष्ट्रपति से प्रकरण का संज्ञान लेते हुए सक्षम स्तर पर निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित कराने की अपेक्षा की। -ब्यूरो