आओ सब जन मिलकर दीप जलाएं।
अंधेरा मिटाकर उजाला घर ले आएं।।
आओ सब जन मिलकर रंगोली सजाएं।
घर-आंगन में ढेरों खुशियां बिखराएं।।
रात अमावस की काली-काली तो क्या
दीपशिखा से कोना-कोना करें प्रकाशित,
आओ सब जन मिलकर दिवाली मनाएं।।
हृदय से झूठ, छल, कपट सब मिटाएं।
बस प्रेम के दीपक सदा घर-घर जलाएं।।
मन में लेकर मधुरता खूब मुस्कुराएं।
मिटाके तिमिर, ज्योतिर्मय सब होजाएं।।
आओ सब जन मिलकर दीप जलाएं ।
नभ-मंडल तक खुशियां बिखराएं।।
-मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
गॉव-रिहावली, डाक-तारौली गुर्जर,
फतेहाबाद, आगरा-283111
मो. 9627912535
दीप जलाएं!
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