जातीय जनगणना का काम पूरे देशभर में होना है। सरकार की मंशा ओबीसी जनगणना को लेकर साफ नहीं है। सरकार के द्वारा जो सर्वे प्रश्नावली बनाई गई है वह ओबीसी व सामान्य/सवर्ण जाति की अलग-अलग नहीं है। यह ओबीसी के साथ धोखा है। उसमें एससी, एसटी व अन्य जाति का कालम ही है, जो किसी भी तरह से जनगणना आंकड़ों के लिए ठीक नहीं है। ओबीसी समाज के सभी लोगों को इसका विरोध करना चाहिए ताकि सही कालम बने। ओबीसी समाज के वह सभी लोग जिनके पास कोई पद है या किसी सामाजिक, राजनैतिक पार्टी के पदाधिकारी हैं, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को इस आशय का पत्र लिखें। इस निर्णायक समय में चुप न बैठें। अब बात बहस में है तो सभी लोग अपना विरोध दर्ज कराएं। ओबीसी समाज से ज्यादा यह बात एससी व एसटी मंचों से उठाई जा रही है जो ओबीसी समाज के लिए बड़ा प्रश्नवाचक चिन्ह है। आप सब स्वस्थ्य विरोध के लिए आगे आएं। लोकतंत्र है, अपनी बात कहें।
-जगदीश प्रसाद पाल, उन्नाव
परास्नातक जनसंचार
मो. 9794866822
इस निर्णायक समय में चुप न बैठें!
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