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हापुड़ में दबंगों ने चार परिवारों को किया बेघर, दर-दर भटक रहे हैं महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग

हापुड़। जनपद के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर आजमपुर गांव में दबंगों ने गांव में रहने वाले चार परिवारों को बेघर कर दिया है। आरोप है कि गांव में घटी एक घटना के बाद महिलाओं और बच्चों को पीटकर घर से बेघर कर दिया गया। इस दौरान बच्चों की पढ़ाई छूट गई और महिलाएं दरबदर हो गर्इं। गौरतलब है कि गांव में कुछ दिन पहले पुरानी रंजिश को लेकर एक विवाद सामने आया था, जिसके बाद इस मामले में आरोपी पहले ही जेल जा चुके है, लेकिन अब एक पक्ष ने गांव में रहने वाले चार परिवारों को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। घटना की शिकायत करने और पीड़ित महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाने के लिए सैंकड़ों लोगों ने 16 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन ने भी बेघर परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन से मांग की। भाकियू के जिला अध्यक्ष एकलव्य सहारा ने कहा कि गांव से पीटकर निकाले गए लोगों को न्याय मिलना चाहिए और जिला प्रशासन को बेघर हुए चारों परिवारों की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षित घर वापसी के लिए प्रयास करने चाहिए। इस दौरान हापुड़ के वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा नेता मोहित पाल ने कहा कि मोहम्मदपुर गांव में पुरानी रंजिश के चलते कुछ दबंग लोगों द्वारा एक जाति के लोगों को लगातार परेशान किया जा रहा है। गांव में जमीन विवाद को लेकर पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका है। आरोप है कि रंजिश के चलते अब एक पक्ष के कुछ दबंग लोगों ने दूसरे पक्ष के चार परिवारों की फसल नष्ट कर दी और उनके भूसे के बोंगे में आग लगा दी। जिसके बाद उनके घर से महिला, बुजुर्ग और बच्चों को पीट-पीट कर घर से भगा दिया। महिलाओं ने बताया कि गांव के कुछ उपद्रवी लोगों ने उनके साथ मारपीट कर गांव से भगा दिया है। रक्षाबंधन के दिन जब वे दोबारा से घर गईं तब तक उनके कई पशु भूख-प्यास से मर चुके थे और घर में तोड़-फोड़ की गई थी। उनके घर पहुंचने के कुछ देर बाद गांव में रहने वाले कुछ उपद्रवी उनके घर आ धमके और उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट करने लगे। महिलाएं अपनी जान बचाकर गांव से भागने पर मजबूर हो गर्इं। महिलाओं की मदद के लिए कुछ सामाजिक संगठनों और भारतीय किसान यूनियन ने मिलकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन के जरिए उन्होंने उपद्रवियों की जांच कर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। सभी प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ एसपी ज्ञानंजय सिंह से भी मिले। पुलिस कप्तान ने उन्हें भरोसा दिया है कि जल्द से जल्द सभी बेघर हुए लोगों की सुरक्षित घर वापसी कराई जाएगी। इस संबंध में पूर्व पार्षद कपिल पाल ने बताया कि प्रशासन ने चारों घरों पर ताले डाल रखे हैं। 22 सितंबर तक चारों परिवार गांव से बाहर अन्यत्र स्थान पर रहने को विवश हैं। उनके पशु भी अन्य घरों में हैं। इस संबंध में श्रीमती उषा, आदेश, सुमन्ता व सोनम द्वारा 16 सितंबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया था जिस पर पुलिस ने अभी तक न तो रिपोर्ट दर्ज की है और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई है। इससे पाल समाज में भारी रोष व्याप्त है। -ब्यूरो

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