मथुरा। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के सुअवसर पर मथुरा रिफाइनरी के टाउनशिप में स्थित एम्प्लाइज क्लब सभागार में कल्पवृक्ष पब्लिसिंग हाउस के तत्वावधान में पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर के छवि चित्र पर दीप प्रज्वलन के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भगवान सिंह बघेल, सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. राजेन्द्र मिलन, लेफ्टिनेंट कर्नल यादराम बघेल, न्यूयॉर्क अमेरिका से प्रकाशित हिंदी पत्रिका ‘सौरभ’ के सम्पादक डॉ. हरिसिंह पाल, सुप्रसिद्ध व्यंगकार पहुंची लाल ‘विषधर’, विख्यात रंगकर्मी देवेन्द्र सिंह पाल आदि की गरिमामयी उपस्थिति में धनगर, गड़रिया, मेषपाल समाज के कवियों का महाकाव्य संकलन ‘गोचरों का नेपथ्य’ का लोकार्पण हुआ। मुंबई के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. जे.पी. बघेल, सुपरिचित दोहाकार शिवकुमार दीपक, काव्यगुरु रविपाल ‘खामोश’ और युवा कवि रुपेश धनगर द्वारा संपादित 580 पृष्ठीय इस काव्य संग्रह में मेषपाल समाज के 11 प्रदेशों के कुल 163 कवि-कवयित्रियों की मनोरम काव्य रचनाएं सचित्र परिचय के साथ संकलित की गई हैं। आकाशवाणी के पूर्व अधिकारी डॉ. हरिसिंह पाल और अखिल विश्व हिंदी समिति कनाड़ा के अध्यक्ष डॉ. गोपाल बघेल ‘मधु’, प्रख्यात समाजशास्त्री डॉ. काँचा इलैया शैफर्ड, पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर विद्यापीठ सोलापुर के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रकाश महानवर, श्री कृष्णदेव राय विश्वविद्यालय बेल्लारी कर्नाटक के पूर्व कुलपति डॉ. के.एम. मैत्री आदि विद्वानों ने अपने-अपने शुभकामना संदेश में इस भगीरथ कार्य की भूरि-भूरि प्रसंशा की। भारतीय वायु सेवा के पूर्व अधिकारी ओमप्रकाश बघेल द्वारा संचालित कल्पवृक्ष पब्लिशिंग हाउस ने इसका प्रकाशन किया है। इस सुअवसर पर धीरेंद्र पाल सिंह बघेल द्वारा लिखित पुस्तक अलिखित इतिहास, जोहन पाल ‘भार्गव’ का काव्य संग्रह ‘अर्जुन युद्ध कर’, रामसागर धनगर परिवर्तन की पुस्तक ‘देवी अहिल्याबाई होल्कर’ तथा मान सिंह बघेल द्वारा रचित ‘मनोहर छंदों की दुनिया’ आदि पुस्तकों एवं पत्रिकाओं का भी लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर डॉ. हरि सिंह पाल के मुख्य आथित्य और सुप्रसिद्ध कवि डॉ. रामप्रकाश ‘पथिक’ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ गुजरात की प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. संगीता पाल ने देवी अहिल्याबाई की वंदना से किया। इसमें शिवपुरी मध्य प्रदेश की सुविख्यात कवयित्री मनु वैशाली, मुंबई की डॉ. सुशीला पाल, दिल्ली के नत्थी सिंह बघेल, फिरोजाबाद के पहुंची लाल ‘विषधर’ व सरोज सौदामिनी, कानपुर के राम लखन श्रमशील, जितेंद्र कुमार पाल, मुंबई के डॉ. इंद्रजीत पाल, नागपुर के डॉ. प्रभाकर लौढे, आगरा की पद्मावती पदम, इंदर सिंह इंदु, ग्वालियर से विकास बघेल, टूंडला से दिलीप बघेल टाइगर, मथुरा से सुरभि धनगर, रायबरेली के अमरपाल ‘अमर’, लखनऊ से प्रेमशंकर शास्त्री, सहारनपुर के महेश पाल माहिर, सोनभद्र से राधेश्याम पाल, मथुरा से चंद्रप्रकाश बृजवासी, मुरारी लाल बघेल, शंकर लाल धनगर, गाजियाबाद से प्रेम कुमार पाल, सुदामा पाल, मथुरा से सम्पादक/आयोजक रूपेश धनगर, हाथरस से दोहाकार शिवकुमार दीपक आदि सहित 65 कवि एवं कवयित्रियों ने सस्वर मनमोहक काव्य पाठ प्रस्तुत किया। संचालन रवि पाल खामोश ने और धन्यवाद ज्ञापन संयोजक शिवकुमार दीपक ने किया। कार्यक्रम में मुरारीलाल बघेल, संजय धनगर प्रधान, ओम शरण धनगर रिफाइनरी, तुलसीराम धनगर, पूरन सिंह बघेल फरीदाबाद, महेश बघेल वृंदावन, बीएस बघेल वृंदावन, सतीश बघेल मथुरा, डॉ. राजमणि पाल, डॉ. रमेश पाल, रमेश वर्मा, डॉ. रमेशचंद्र बघेल, राधे लाल बघेल, दानवीर सिंह बघेल, शिव सिंह बघेल अलीगढ़, महेन्द्र सिंह धनगर, वकील साहब, सुनहरी लाल बघेल, प्रवीन धनगर हाथरस आदि प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति ने शोभा बढ़ाई। -शिव कुमार दीपक
अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर ‘गोचरों के नेपथ्य’ का लोकार्पण
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