उन्नाव। 20 सितंबर को यहां लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर प्रांगण में अखिल भारतीय पाल महासभा की जिला इकाई व पाल विकास शिक्षा एवं समाजोत्थान समिति के सौजन्य से पेरियार ई.वी. रामासामी की 148वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नारायण पाल और विशिष्ट अतिथि जी.पी. मानव रहे। आयोजकों में रामकिशोर पाल एडवोकेट, रामसजीवन पाल, रामनारायन पाल व संतोष पाल थे। तमाम वक्ताओं द्वारा पेरियार ई.वी. रामासामी के द्वारा चलाए गए द्रविड़ भागीदारी आंदोलन को याद किया गया। हरिकमल दर्पण के जिला प्रतिनिधि जगदीश प्रसाद पाल ने प्रतिभाग करते हुए अपने संबोधन में दो प्रमुख वर्तमान ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बात रखी जिन पर पूरे देश में आजकल भूचाल मचा हुआ है, पहला जातीय जनगणना में ओबीसी का कालम ना होना और दूसरा यूजीसी बिल 2026 का समर्थन व सवर्णों द्वारा विरोध किया जाना है। उन्होंने कहा कि यूजीसी बिल भारत की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एससी, एसटी, ओबीसी समाज के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ भेदभाव, जातीय अपमान, यहां तक की फैकल्टी मेंबरों द्वारा प्रायोगिक या सत्रांत परीक्षाओं में कम अंक दिए देने से संबंधित है तथा उन्हें अब तक जातीय संबोधनों से हतोत्साहित किया जाता रहा है। उन्होंने देश में बने सामाजिक संगठनों से अनुरोध किया कि इसका विरोध करें। सभा में संकल्प लिया गया कि जातीय जनगणना में ओबीसी कालम अलग से बनाने के लिए सरकार को पत्र भेजे जाएंगे। प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति सचिवालय को पत्र लिखने की जिम्मेदारी अध्यक्ष व महासचिव को दी गई। -ब्यूरो
जातीय जनगणना में ओबीसी कालम अलग से बनाने के लिए सरकार को पत्र भेजे जाएंगे
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