मिर्जापुर। थाना लालगंज क्षेत्र स्थित सम्राट हॉस्पिटल में गर्भवती महिला के इलाज में कथित लापरवाही, रुपये लेने तथा धमकी देने के आरोपों के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने सम्राट हॉस्पिटल के संचालक, संबंधित डॉक्टर एवं कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। अनिल कुमार पाल अधिवक्ता ने बताया कि रामचंद्र पाल की पत्नी अर्चना पाल गर्भवती थी। डॉक्टर द्वारा मरीज की स्थिति गंभीर होने के बावजूद उसके समुचित उपचार, आवश्यक जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श तथा समय से उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में लापरवाही की गई। इसमें रामचंद्र पाल ने थाना और उच्च अधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने अधिवक्ता अनिल कुमार पाल के माध्यम से सीजेएम न्यायालय मिर्जापुर में शिकायत दाखिल की। वरिष्ठ अधिवक्ता विकास कुमार राय ने बताया कि चिकित्सकीय जांच आख्या के अनुसार सम्राट हॉस्पिटल में कोई डिग्रीधारी डॉक्टर नहीं है, ना ही कोई पैरामेडिकल स्टाफ है जो मानव हित के लिए ठीक नहीं है। अधिवक्ता सौरभ सिंह ने बताया कि जिस तरह झोलाछाप डॉक्टर बड़े-बड़े अस्पताल चला रहे हैं और मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, ऐसे अस्पतालों को तत्काल कार्रवाई कर बंद किया जाना आवश्यक होगा। -ब्यूरो
सम्राट हॉस्पिटल के संचालक, डॉक्टर एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश
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