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शैतान सिंह आत्ममंथन करें!

अखिल भारतीय पाल महासभा की स्थापना हमारे समाज के बुजुर्गों ने लगभग 115 वर्ष पूर्व सन 1911 में की थी जिसका उद्देश्य समाज को एकजुट कर उसका उत्थान करना था। वर्तमान में इस महासभा के अनेक टुकड़े हो चुके हैं और दुर्भाग्य से अलग हो चुके संगठनों के नाम भी अखिल भारतीय पाल महासभा ही हैं जिनके अलग-अलग राष्टÑीय अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी कार्यरत हैं। हालांकि सबसे पुरानी महासभा का अस्तित्व आज भी कायम है जिसके राष्टÑीय अध्यक्ष पद पर पिछले 20 से अधिक वर्षों से शैतान सिंह पाल का कब्जा है। शैतान सिंह पाल पर समय-समय पर अनेक आरोप लगते रहे हैं, इसके बावजूद यह सत्य है कि उनके कद का मुकाबला वर्तमान में पाल समाज का कोई भी नेता करने की स्थिति में नहीं है। इस बारे में शैतान सिंह पाल को आत्ममंथन करने की जरूरत है कि वे कौन से कारण हैं जिससे महासभा के निरंतर टुकड़े होते रहे और समाज बिखरता रहा। पाल समाज देश का बहुत बड़ी आबादी वाला समाज है लेकिन टुकड़ों में बंटा होने के कारण यह अपनी ताकत खो चुका है। निस्संदेह समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी भी सबसे ज्यादा शैतान सिंह पाल की ही है, जिसकी ओर उन्हें विशेष ध्यान देना चाहिए।
इस हफ्ते इन्हीं शब्दों के साथ जय पाल समाज!
-निरंजन सिंह पाल

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Yogesh Kumar Pal

में योगेश कुमार पाल
ज़िला हापुड़ उत्तर प्रदेश

में इस माह से ज़िला हापुड़ में गांव गांव नगर नगर जाकर अपने समाज के लोगों से मिलूंगा और साथ ही सबको एकजुट होकर एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए सभी को प्रेरित करने का प्रयत्न करूंगा मेरी शुरुआत सर्वप्रथम अपने निवास ज़िले से होगी और जैसे जैसे मुझे लोगों का साथ मिलेगा वैसे वैसे ही में इस मुहीम को राज्य ओर देश के सभी राज्यों को लोगों को जागरूक करने का प्रयत्न करूंगा

आप सभी का प्यार और आशीर्वाद हमेशा मुझपर बना रहें

आपका अपना
योगेश कुमार पाल
ज़िला हापुड़

Yogesh Kumar Pal

मुझे अपने बिखरे समाज को जागरूक कर एकजुट करना है

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