राष्ट्र पर हुकूमत करने वाली माता अहिल्याबाई होल्कर के वंशज पार्टियों के गुलाम कैसे हो गए, एक मंच पर बैठकर मंथन करो। पद और टिकट के लिए भिखारी मत बनो, तुम स्वयं पद और टिकट देने वाले बनो। अखिलेश यादव ने हमारे समाज के बड़े नेताओं के बारे में चर्चा की तो ऐसा लगा कि हमारे नेता पार्टियों के लिए फुटबॉल हो गए हैं। अन्य दलों के लोग हमारे नेताओं/भाइयों के साथ खेल रहे हैं, उन्हें आपस में लड़ा रहे हैं। आपकी ताकत को केंद्रीय नहीं होने दिया जा रहा है ताकि आप ताकतवर न बन पाओ। तुम सत्ताधीश थे, सत्ता में भागीदारी के लिए सोचो, अलग-अलग टुकड़ों में बंटकर शक्तियों को क्षीण मत करो। मुट्ठी बनकर उभरो, दुनिया सलाम करेगी। अपने पूर्वजों का सम्मान स्थापित करना हम सबकी जिम्मेदारी है। पुन: एक मंच पर बैठकर मंथन की आवश्यकता है।
-प्रदीप कुमार धनगर, बदायूं
राष्ट्रीय महासचिव युवा मोर्चा राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी
मो. 9758151359
अहिल्याबाई होल्कर के वंशज पार्टियों के गुलाम कैसे हो गए?
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments